चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी डिग्री और अंकतालिकाएं तैयार करने वाले रैकेट में एसओजी) को एक और सफलता मिली है। एसओजी ने मामले के मुख्य आरोपी तत्कालीन डिग्री प्रिंट क्षेत्र इंचार्ज वीरेंद्र सिंह को उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने आरोपी को पूछताछ के लिए 14 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर बिश्नोई ने बताया कि आरोपी पिछले 6 महीने से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने मोबाइल बंद कर रखा था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। एसओजी टीम लंबे समय से उसकी लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। तकनीकी इनपुट के आधार पर 10 मई को गाजियाबाद में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। राजस्थान से NCR तक फैला नेटवर्क प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी डिग्री और अंकतालिकाएं तैयार करने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क राजस्थान के अलावा दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। अब एसओजी यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोगों को नकली प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए गए और इस पूरे रैकेट में कितने लोग शामिल हैं। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल तकनीकी संसाधनों और मददगारों की भी जांच की जा रही है। यह खबर भी पढ़ें….. मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री मामले में पूर्व प्रेसिडेंट गिरफ्तार:* कमीशन पर करता था काम, पहले भी मामले दर्ज; अब तक 11 को पकड़ा


