Himanta Biswa Sarma : असम में एक बार फिर से नई सरकार का गठन हो चुका है और सत्ता की कमान एक बार फिर से कद्दावर नेता हिमंता बिस्वा सरमा के हाथों में है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उनका कहना है कि उनकी सरकार की सबसे बड़ी और पहली प्राथमिकता पार्टी चुनावी घोषणा पत्र लागू करना है, जिसके आधार पर जनता ने उन्हें यह भारी जनादेश दिया है। राजनीति में अक्सर देखा जाता है कि चुनाव जीतने के बाद राजनीतिक दल अपने वादे भूल जाते हैं, लेकिन असम के मुख्यमंत्री ने पहले ही दिन यह साफ कर दिया है कि उनकी सरकार ‘एक्शन मोड’ में काम करेगी और हर एक वादे को धरातल पर उतारा जाएगा।
घोषणा पत्र केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं है
चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने असम की जनता से कई अहम वादे किए थे। इनमें सबसे प्रमुख रोजगार के नये अवसर पैदा करना, महिला सशक्तीकरण, राज्य के बुनियादी ढांचे का विकास और असम की संस्कृति व पहचान को सुरक्षित रखना शामिल है। हिमंता बिस्वा सरमा ने साफ किया है कि घोषणा पत्र केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह उनकी सरकार के लिए एक पवित्र मार्गदर्शिका है। सरकार के सभी विभाग इसी दिशा में काम करेंगे, ताकि तय समय सीमा के अंदर हर लक्ष्य हासिल किया जा सके।
प्रमुख योजनाएं और विकास का रोडमैप
विशेष रूप से, असम में हर साल आने वाली विनाशकारी बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान खोजना नई सरकार के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। इसके अलावा ‘ओरुनोदोई’ जैसी सफल योजनाओं का विस्तार कर के समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विशेषकर महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने सरकारी मशीनरी को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे घोषणा पत्र में उल्लिखित योजनाओं को तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करें।
कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक मजबूत किया जाएगा
स्वरोजगार को बढ़ावा देने का वादा पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे
युवाओं के लिए रोजगार हमेशा से एक बहुत बड़ा मुद्दा रहा है। चुनाव से पहले सरकारी नौकरियां देने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। नई स्टार्टअप नीतियां और कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक मजबूत किया जाएगा। राज्य के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए डिजिटल शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था और सुशासन पर जोर दिया
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया है। उनका मानना है कि विकास का फायदा तभी आम आदमी तक पहुंच सकता है जब प्रशासन पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हो। असम को पूर्वोत्तर भारत का ‘ग्रोथ इंजन’ बनाने के लिए विदेशी निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने की योजना पर भी तेजी से काम शुरू हो गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के वादे को भी प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है। इसके साथ ही, सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी नई सरकार ने अपना रुख कड़ा रखा है। असम की जनसांख्यिकी और मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
इस बयान से राज्य भर में एक सकारात्मक संदेश गया है
नई सरकार से जनता की उम्मीदें इस बहुत अधिक हैं। हिमंता बिस्वा सरमा अपनी कार्यकुशलता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि उनके इस बयान से राज्य भर में एक सकारात्मक संदेश गया है। हालांकि, इन वादों को हकीकत में बदलना एक चुनौती भरा काम होगा, खासकर तब जब राज्य को आर्थिक संसाधनों के प्रबंधन और भौगोलिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
देश के अन्य राज्यों के लिए सुशासन का एक बेहतरीन उदाहरण होगा
बहरहाल, मुख्यमंत्री का यह संकल्प असम की राजनीति में एक नई कार्यसंस्कृति को जन्म दे रहा है। अगर सरकार अपने घोषणा पत्र के वादे को पूरी तरह से लागू करने में सफल रहती है, तो यह न केवल असम के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी सुशासन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करेगा।


