गोपालगंज में पुलिस ने उत्तर प्रदेश से बिहार लाई जा रही देसी शराब की एक बड़ी खेप बरामद की है। यह शराब बाइक की डिक्की में छिपाकर लाई जा रही थी। वाहन जांच के दौरान कुचायकोट थाना क्षेत्र के कोटनरहवा गांव के पास एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के गौरी इब्राहीम गांव निवासी 26 वर्षीय अनिल कुशवाहा के रूप में हुई है। उत्पाद पुलिस टीम यूपी-बिहार सीमावर्ती क्षेत्र में सघन वाहन जांच अभियान चला रही थी, तभी यह कार्रवाई की गई। पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की
जांच के दौरान, उत्तर प्रदेश की दिशा से आ रहे एक संदिग्ध बाइक सवार को देखा गया। पुलिस को देखकर चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर रोक लिया। शुरुआती जांच में बाइक सामान्य लग रही थी और चालक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, जब पुलिस ने बाइक की डिक्की और सीटों के नीचे बने गुप्त तहखानों की तलाशी ली, तो उसमें देसी शराब के सैकड़ों पाउच बड़ी चालाकी से छिपाकर रखे मिले। उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही
पुलिस ने तत्काल शराब जब्त कर ली और बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण तस्कर अब तस्करी के लिए नए और अनोखे तरीके अपना रहे हैं, जिसमें दोपहिया वाहनों का उपयोग बढ़ गया है। पकड़े गए तस्कर के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है और अवैध शराब की आवक को रोकने के लिए सीसीटीवी की मदद भी ली जा रही है। गोपालगंज में पुलिस ने उत्तर प्रदेश से बिहार लाई जा रही देसी शराब की एक बड़ी खेप बरामद की है। यह शराब बाइक की डिक्की में छिपाकर लाई जा रही थी। वाहन जांच के दौरान कुचायकोट थाना क्षेत्र के कोटनरहवा गांव के पास एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के गौरी इब्राहीम गांव निवासी 26 वर्षीय अनिल कुशवाहा के रूप में हुई है। उत्पाद पुलिस टीम यूपी-बिहार सीमावर्ती क्षेत्र में सघन वाहन जांच अभियान चला रही थी, तभी यह कार्रवाई की गई। पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की
जांच के दौरान, उत्तर प्रदेश की दिशा से आ रहे एक संदिग्ध बाइक सवार को देखा गया। पुलिस को देखकर चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर रोक लिया। शुरुआती जांच में बाइक सामान्य लग रही थी और चालक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, जब पुलिस ने बाइक की डिक्की और सीटों के नीचे बने गुप्त तहखानों की तलाशी ली, तो उसमें देसी शराब के सैकड़ों पाउच बड़ी चालाकी से छिपाकर रखे मिले। उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही
पुलिस ने तत्काल शराब जब्त कर ली और बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण तस्कर अब तस्करी के लिए नए और अनोखे तरीके अपना रहे हैं, जिसमें दोपहिया वाहनों का उपयोग बढ़ गया है। पकड़े गए तस्कर के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है और अवैध शराब की आवक को रोकने के लिए सीसीटीवी की मदद भी ली जा रही है।


