राहुल गांधी का पर्सनल असिस्टेंट (PA) बनकर ठगी करने वाले गौरव कुमार को उत्तराखंड पुलिस ने 4 मई को गिरफ्तार कर लिया था। अब उसकी ठगी का लंबा चौड़ा इतिहास सामने आया है। गौरव कुमार खुद को राहुल गांधी का PA कनिष्क सिंह बताकर पिछले 9 सालों में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से करोड़ों की ठगी कर चुका है। गौरव कुमार के खिलाफ देश के 6 राज्यों में ठगी और धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं, जिनमें बिहार, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड शामिल हैं। ठगी के लिए गौरव कुमार ने गिरोह बना रखा है, जो कांग्रेस नेताओं को चुनाव में टिकट और मदद देने का झांसा देकर शिकार बनाते हैं। पूछताछ में पता चला है कि फर्जी पीए गौरव कुमार के झांसे में बिहार के सांसद पप्पू यादव, गुजरात के पूर्व सांसद सत्यजीत गायकवाड़ और मोहाली के पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी भी आ चुके हैं। अपने नाम के दुरूपयोग से परेशान होकर राहुल गांधी के पूर्व पीए कनिष्क सिंह ने गौरव कुमार के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। असली पीए की नकल से शुरू हुई ठगी आरोपी गौरव कुमार पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है। यहीं से उसने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के निजी सचिवों और बड़े नेताओं की जानकारी इकट्ठा करना शुरू किया। इसके बाद उसने कनिष्क सिंह (जो 2003 से 2015 तक कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के निजी सचिव रहे थे) की नकल करना शुरू किया और अपना एक गिरोह बनाया। यह गिरोह बड़े नेताओं की प्रोफाइल तैयार करता था और यह पता लगाता था कि किसकी पहुंच कांग्रेस में कहां तक है। उसने सबसे पहले छोटे नेताओं को टिकट का लालच देकर और खुद को राहुल गांधी का PA बताकर ठगी शुरू की। इसके बाद उसने सबसे बड़ी ठगी राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 से एक साल पहले अंजाम दी थी। 9 साल में 7 राज्यों में फैलाया साम्राज्य गूगल से पता लगाता था नेताओं की जानकारी पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गूगल और neta.com जैसी वेबसाइट्स से नेताओं का डेटा जुटाता था और फर्जी ट्रूकॉलर आईडी के जरिए संपर्क साधता था। पूछताछ के दौरान गौरव ने कबूला कि उसने 2017 में राजस्थान में टिकट दिलाने के नाम पर दो अलग-अलग नेताओं से 1.90 करोड़ और 12 लाख रुपए की मोटी रकम वसूली थी। इसके अलावा, वह बिहार में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दे चुका है। देहरादून पुलिस ने उसे पैसिफिक मॉल के पास जाल बिछाकर उस समय दबोचा, जब वह एक अन्य पदाधिकारी से पैसे लेने पहुंचा था। पुलिस अब उसके अन्य साथियों छज्जू, रजत और मनिंदर की तलाश कर रही है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ठगी कांड के बाद सामने आई कांग्रेस की अंदरूनी कलह:पांडेय बोलीं- अध्यक्ष ने माहौल खराब किया; गोदियाल बोले- आहत हूं, कई दिनों से सोया नहीं देहरादून में राहुल गांधी का पीए बनकर 25 लाख रुपए की ठगी का मामला अब कांग्रेस की अंदरूनी कलह को भी उजागर कर रहा है। जांच में सामने आया कि राज्य आंदोलनकारी भावना पांडेय टिकट से जुड़े सर्वे और होटल व्यवस्था के नाम पर पैसे दे रही थीं। (पढ़ें पूरी खबर) राहुल गांधी का पर्सनल असिस्टेंट (PA) बनकर ठगी करने वाले गौरव कुमार को उत्तराखंड पुलिस ने 4 मई को गिरफ्तार कर लिया था। अब उसकी ठगी का लंबा चौड़ा इतिहास सामने आया है। गौरव कुमार खुद को राहुल गांधी का PA कनिष्क सिंह बताकर पिछले 9 सालों में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से करोड़ों की ठगी कर चुका है। गौरव कुमार के खिलाफ देश के 6 राज्यों में ठगी और धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं, जिनमें बिहार, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड शामिल हैं। ठगी के लिए गौरव कुमार ने गिरोह बना रखा है, जो कांग्रेस नेताओं को चुनाव में टिकट और मदद देने का झांसा देकर शिकार बनाते हैं। पूछताछ में पता चला है कि फर्जी पीए गौरव कुमार के झांसे में बिहार के सांसद पप्पू यादव, गुजरात के पूर्व सांसद सत्यजीत गायकवाड़ और मोहाली के पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी भी आ चुके हैं। अपने नाम के दुरूपयोग से परेशान होकर राहुल गांधी के पूर्व पीए कनिष्क सिंह ने गौरव कुमार के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। असली पीए की नकल से शुरू हुई ठगी आरोपी गौरव कुमार पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है। यहीं से उसने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के निजी सचिवों और बड़े नेताओं की जानकारी इकट्ठा करना शुरू किया। इसके बाद उसने कनिष्क सिंह (जो 2003 से 2015 तक कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के निजी सचिव रहे थे) की नकल करना शुरू किया और अपना एक गिरोह बनाया। यह गिरोह बड़े नेताओं की प्रोफाइल तैयार करता था और यह पता लगाता था कि किसकी पहुंच कांग्रेस में कहां तक है। उसने सबसे पहले छोटे नेताओं को टिकट का लालच देकर और खुद को राहुल गांधी का PA बताकर ठगी शुरू की। इसके बाद उसने सबसे बड़ी ठगी राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 से एक साल पहले अंजाम दी थी। 9 साल में 7 राज्यों में फैलाया साम्राज्य गूगल से पता लगाता था नेताओं की जानकारी पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गूगल और neta.com जैसी वेबसाइट्स से नेताओं का डेटा जुटाता था और फर्जी ट्रूकॉलर आईडी के जरिए संपर्क साधता था। पूछताछ के दौरान गौरव ने कबूला कि उसने 2017 में राजस्थान में टिकट दिलाने के नाम पर दो अलग-अलग नेताओं से 1.90 करोड़ और 12 लाख रुपए की मोटी रकम वसूली थी। इसके अलावा, वह बिहार में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दे चुका है। देहरादून पुलिस ने उसे पैसिफिक मॉल के पास जाल बिछाकर उस समय दबोचा, जब वह एक अन्य पदाधिकारी से पैसे लेने पहुंचा था। पुलिस अब उसके अन्य साथियों छज्जू, रजत और मनिंदर की तलाश कर रही है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ठगी कांड के बाद सामने आई कांग्रेस की अंदरूनी कलह:पांडेय बोलीं- अध्यक्ष ने माहौल खराब किया; गोदियाल बोले- आहत हूं, कई दिनों से सोया नहीं देहरादून में राहुल गांधी का पीए बनकर 25 लाख रुपए की ठगी का मामला अब कांग्रेस की अंदरूनी कलह को भी उजागर कर रहा है। जांच में सामने आया कि राज्य आंदोलनकारी भावना पांडेय टिकट से जुड़े सर्वे और होटल व्यवस्था के नाम पर पैसे दे रही थीं। (पढ़ें पूरी खबर)


