इनरवा-बेतिया मार्ग पर चल रही ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां:7 थाना क्षेत्रों को किया पार, कहीं नहीं हुआ रोकथाम, किसानों के वाहनों पर काट रहे चालान

इनरवा-बेतिया मार्ग पर चल रही ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां:7 थाना क्षेत्रों को किया पार, कहीं नहीं हुआ रोकथाम, किसानों के वाहनों पर काट रहे चालान

पश्चिम चंपारण में ओवरलोडिंग का अवैध कारोबार खुलेआम जारी है। शनिवार रात करीब 11 बजे इनरवा से बेतिया जाने वाले मार्ग पर कई ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेखौफ दौड़ती नजर आई। इन वाहनों पर क्षमता से अधिक सामान लदा हुआ था, जिससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने रास्ते में पड़ने वाले लगभग सात थाना क्षेत्रों को पार किया, लेकिन किसी भी स्थान पर इनकी जांच या रोकथाम नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात बड़ी संख्या में ऐसे वाहन सड़कों पर चलते हैं, और प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं करता। तस्वीरों और वीडियो में भी ओवरलोडिंग साफ देखी जा सकती है, जो बड़े हादसों का कारण बन सकती है। ओवरलोड वाहनों के कारण हादसा का खतरा ग्रामीणों और वाहन चालकों के अनुसार, ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। रात के समय तेज रफ्तार और अत्यधिक वजन से लदे ये वाहन आम लोगों की जान के लिए जोखिम पैदा करते हैं। इसके अतिरिक्त, भारी वाहनों के दबाव से सड़कों की स्थिति भी तेजी से बिगड़ रही है, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है। किसानों के वाहनों पर काट रहे चालान लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि परिवहन विभाग छोटी गाड़ियों और किसानों के वाहनों पर तो सख्ती दिखाता है और चालान काटता है, लेकिन बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध ओवरलोडिंग कारोबार पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और नियमों का पालन कराया जा सके। पश्चिम चंपारण में ओवरलोडिंग का अवैध कारोबार खुलेआम जारी है। शनिवार रात करीब 11 बजे इनरवा से बेतिया जाने वाले मार्ग पर कई ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेखौफ दौड़ती नजर आई। इन वाहनों पर क्षमता से अधिक सामान लदा हुआ था, जिससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने रास्ते में पड़ने वाले लगभग सात थाना क्षेत्रों को पार किया, लेकिन किसी भी स्थान पर इनकी जांच या रोकथाम नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात बड़ी संख्या में ऐसे वाहन सड़कों पर चलते हैं, और प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं करता। तस्वीरों और वीडियो में भी ओवरलोडिंग साफ देखी जा सकती है, जो बड़े हादसों का कारण बन सकती है। ओवरलोड वाहनों के कारण हादसा का खतरा ग्रामीणों और वाहन चालकों के अनुसार, ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। रात के समय तेज रफ्तार और अत्यधिक वजन से लदे ये वाहन आम लोगों की जान के लिए जोखिम पैदा करते हैं। इसके अतिरिक्त, भारी वाहनों के दबाव से सड़कों की स्थिति भी तेजी से बिगड़ रही है, जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है। किसानों के वाहनों पर काट रहे चालान लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि परिवहन विभाग छोटी गाड़ियों और किसानों के वाहनों पर तो सख्ती दिखाता है और चालान काटता है, लेकिन बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध ओवरलोडिंग कारोबार पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और नियमों का पालन कराया जा सके।  

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