भोजपुर के सलेमपुर बाजार स्थित एक मिठाई दुकान में सिविल ड्रेस में की गई पुलिस छापेमारी अब विवादों में घिर गई है। छापेमारी के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो सामने आया है। छापेमारी करने पहुंचे दरोगा अभिषेक कुमार पर कुछ स्थानीय लोग शराब पीकर कार्रवाई करने का आरोप लगा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना धोबहा थाना क्षेत्र की है। 6 लोगों की केस दर्ज इस मामले में दरोगा अभिषेक कुमार के बयान पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, हंगामा करने, मोबाइल छीनने, गलत एवं भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में आइटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। दूसरी ओर वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं, खासकर सिविल ड्रेस में छापेमारी को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल बना हुआ है। एसडीपीओ-वन जांच कर रहे हैं भोजपुर एसपी राज ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित दरोगा की मेडिकल जांच कराई गई थी। ब्लड और यूरिन जांच में अल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। सिविल ड्रेस में रेकी और छापेमारी किए जाने के पहलू की भी अलग से जांच होगी। इसकी जिम्मेदारी सदर एसडीपीओ-वन को सौंपी गई है। पुलिस यह जानने में जुटी है कि दरोगा किस सूचना के आधार पर वहां पहुंचे थे और घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था। शराब की सूचना पर पहुंची थी पुलिस धोबहा थानाध्यक्ष वर्षा रानी ने बताया कि उक्त मिठाई दुकान में शराब छिपाकर रखने और बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर दरोगा अभिषेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम वहां पहुंची थी। छापेमारी के दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। फिलहाल वरीय पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटे हुए हैं। भोजपुर के सलेमपुर बाजार स्थित एक मिठाई दुकान में सिविल ड्रेस में की गई पुलिस छापेमारी अब विवादों में घिर गई है। छापेमारी के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो सामने आया है। छापेमारी करने पहुंचे दरोगा अभिषेक कुमार पर कुछ स्थानीय लोग शराब पीकर कार्रवाई करने का आरोप लगा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना धोबहा थाना क्षेत्र की है। 6 लोगों की केस दर्ज इस मामले में दरोगा अभिषेक कुमार के बयान पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, हंगामा करने, मोबाइल छीनने, गलत एवं भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में आइटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। दूसरी ओर वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं, खासकर सिविल ड्रेस में छापेमारी को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल बना हुआ है। एसडीपीओ-वन जांच कर रहे हैं भोजपुर एसपी राज ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित दरोगा की मेडिकल जांच कराई गई थी। ब्लड और यूरिन जांच में अल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। सिविल ड्रेस में रेकी और छापेमारी किए जाने के पहलू की भी अलग से जांच होगी। इसकी जिम्मेदारी सदर एसडीपीओ-वन को सौंपी गई है। पुलिस यह जानने में जुटी है कि दरोगा किस सूचना के आधार पर वहां पहुंचे थे और घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था। शराब की सूचना पर पहुंची थी पुलिस धोबहा थानाध्यक्ष वर्षा रानी ने बताया कि उक्त मिठाई दुकान में शराब छिपाकर रखने और बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर दरोगा अभिषेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम वहां पहुंची थी। छापेमारी के दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। फिलहाल वरीय पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटे हुए हैं।


