दरभंगा में आज राष्ट्रीय लोक अदालत लगा। कार्यक्रम का शुभारंभ जज अजय कुमार शर्मा, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी की ओर से संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति और सुलह के आधार पर विवादों का आसान और कम खर्च में समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विशेष रूप से शमनीय (कम्पाउंडेबल) मामलों का निष्पादन कर न्यायालयों में लंबित वादों का बोझ कम किया जाता है और आम लोगों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराया जाता है। जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने भी लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में इसका लाभ उठाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत न्यायिक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। व्यवहार न्यायालय बिरौल में 4 बेंच शामिल राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा द्वारा कुल 35 बेंचों का गठन किया गया। इनमें व्यवहार न्यायालय, दरभंगा में 27 बेंच, व्यवहार न्यायालय बेनीपुर में 4 और व्यवहार न्यायालय बिरौल में 4 बेंच शामिल हैं। 444 ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया जा चुका लोक अदालत में मुकदमा पूर्व एवं न्यायालयों में लंबित विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की गई। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि समाचार लिखे जाने तक 444 ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया जा चुका है और काउंटरों पर काम लगातार जारी है। कार्यक्रम की सफलता को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी, उपनिदेशक जनसंपर्क एवं नजारत उप समाहर्ता सहित कई प्रशासनिक अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। उद्घाटन के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। पूरे आयोजन के दौरान तीनों स्थानों पर न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में लोक अदालत का संचालन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 3.44 लाख रुपये में सेटल किया लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली से जुड़े 60 मामलों का आपसी सुलह के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 10.76 लाख रुपये की देनदारी थी, जिसे समझौते के तहत घटाकर मात्र 3.44 लाख रुपये में सेटल किया गया। इससे ऋणधारकों को काफी राहत मिली। इसके अलावा यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित 25 मामलों में भी राहत दी गई। वाहन चालकों पर लगाए गए 1.10 लाख रुपये के जुर्माने को घटाकर 60 हजार 500 रुपये कर दिया गया। वहीं आपराधिक और ग्राम कचहरी से जुड़े करीब 250 मामलों का भी सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। दरभंगा में आज राष्ट्रीय लोक अदालत लगा। कार्यक्रम का शुभारंभ जज अजय कुमार शर्मा, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी की ओर से संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति और सुलह के आधार पर विवादों का आसान और कम खर्च में समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विशेष रूप से शमनीय (कम्पाउंडेबल) मामलों का निष्पादन कर न्यायालयों में लंबित वादों का बोझ कम किया जाता है और आम लोगों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराया जाता है। जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने भी लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में इसका लाभ उठाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत न्यायिक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। व्यवहार न्यायालय बिरौल में 4 बेंच शामिल राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा द्वारा कुल 35 बेंचों का गठन किया गया। इनमें व्यवहार न्यायालय, दरभंगा में 27 बेंच, व्यवहार न्यायालय बेनीपुर में 4 और व्यवहार न्यायालय बिरौल में 4 बेंच शामिल हैं। 444 ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया जा चुका लोक अदालत में मुकदमा पूर्व एवं न्यायालयों में लंबित विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की गई। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि समाचार लिखे जाने तक 444 ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया जा चुका है और काउंटरों पर काम लगातार जारी है। कार्यक्रम की सफलता को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी, उपनिदेशक जनसंपर्क एवं नजारत उप समाहर्ता सहित कई प्रशासनिक अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। उद्घाटन के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। पूरे आयोजन के दौरान तीनों स्थानों पर न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में लोक अदालत का संचालन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 3.44 लाख रुपये में सेटल किया लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली से जुड़े 60 मामलों का आपसी सुलह के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 10.76 लाख रुपये की देनदारी थी, जिसे समझौते के तहत घटाकर मात्र 3.44 लाख रुपये में सेटल किया गया। इससे ऋणधारकों को काफी राहत मिली। इसके अलावा यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित 25 मामलों में भी राहत दी गई। वाहन चालकों पर लगाए गए 1.10 लाख रुपये के जुर्माने को घटाकर 60 हजार 500 रुपये कर दिया गया। वहीं आपराधिक और ग्राम कचहरी से जुड़े करीब 250 मामलों का भी सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया।


