डीडवाना में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश नाहरसिंह मीणा के मार्गदर्शन में आयोजित इस अदालत में लंबे समय से लंबित सैकड़ों प्रकरणों का आपसी समझौते से निस्तारण किया गया। लोक अदालत के सफल संचालन के लिए दो न्यायिक बेंचों का गठन किया गया था। पहली बेंच की अध्यक्षता अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेश कुमार गजरा ने की, जिसमें सुरेन्द्र पुरी सदस्य के रूप में शामिल थे। दूसरी बेंच का नेतृत्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं कार्यवाहक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महावीरसिंह चारण ने किया, जिनके साथ नागपालसिंह सदस्य के तौर पर मौजूद रहे। दोनों बेंचों के समक्ष मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम, वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस, दीवानी और राजस्व मामलों सहित विभिन्न प्रकार के प्रकरणों की सुनवाई हुई। इस लोक अदालत का एक महत्वपूर्ण पहलू वैवाहिक विवादों का समाधान रहा, जहाँ कई दंपत्तियों ने अपने मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। न्यायिक अधिकारियों की समझाइश, काउंसलिंग और कानूनी परामर्श के बाद इन परिवारों में खुशियां लौट आईं। अदालत ने दंपत्तियों को सौहार्दपूर्ण और सुखद वैवाहिक जीवन जीने का संदेश देते हुए विदा किया। इसके अतिरिक्त, प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंक रिकवरी और बीमा दावों से संबंधित मामलों का भी त्वरित निस्तारण किया गया। कई प्रकरणों में मौके पर ही राजीनामे के आधार पर अवार्ड राशि तय की गई, जिससे पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च से राहत मिली। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में न्यायिक कर्मचारियों, बार संघ डीडवाना के अधिवक्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों तथा विभिन्न बैंकों और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों का विशेष सहयोग रहा।


