पंजाब में पूर्व विधायकों पर विजिलेंस की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को रोपड़ के पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ विजिलेंस दफ्तर में पेश हुए। ससुर की एक गाड़ी से जुड़े मामले में उनसे करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमरजीत सिंह संदोआ कभी आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख चेहरों में से एक थे। हालांकि, कुछ समय पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण उन्हें AAP से निष्कासित कर दिया गया था। पार्टी से बाहर होने के बाद अब विजिलेंस द्वारा यह पुराना मामला दोबारा खोले जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ससुर से संबंधित गाड़ी से जुड़ा विवाद विवाद की जड़ संदोआ के ससुर से संबंधित एक गाड़ी है। विजिलेंस ने पहले इस गाड़ी को जब्त किया था, लेकिन बाद में इसे छोड़ दिया गया था। अब विजिलेंस इस बात की जांच कर रही है कि गाड़ी को किस आधार पर छोड़ा गया था और क्या इसमें किसी पद का दुरुपयोग किया गया था। पूछताछ के बाद अमरजीत सिंह संदोआ ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक के इशारे पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। संदोआ ने कहा कि जो मामला पहले ही सुलझ चुका था, उसे दोबारा खोलना उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने की साजिश है। पूर्व विधायक बोले- विजिलेंस के सभी सवालों का जवाब दिया पूर्व विधायक ने यह भी बताया कि उन्होंने विजिलेंस के सभी सवालों के जवाब दिए हैं और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। संदोआ रोपड़ से आम आदमी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। उन्होंने एक बार कांग्रेस का दामन भी थामा था, लेकिन बाद में ‘आप’ में लौट आए थे। हालांकि, पार्टी के साथ उनके रिश्ते खराब होने के बाद उन्हें निष्कासित कर दिया गया था।


