केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि अहमदाबाद में हुए दुखद एअर इंडिया विमान हादसे की जांच आखिरी चरण में है और एक महीने में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
पिछले साल हुए इस विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी।
यहां ‘गिफ्ट सिटी’ में एक समारोह में नायडू ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों की शिकायतों को दूर करने का वादा किया और कहा कि मंत्रालय का एक विशेष प्रकोष्ठ जून 2025 के हादसे के लिए मुआवजे के मुद्दे पर समन्वय कर रहा है।
नायडू ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जांच बहुत मजबूती से चल रही है। हमें एक बात समझनी होगी कि जब दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान में विदेशी नागरिक सफर कर रहे थे, तो यह (जांच रिपोर्ट) किसी भी देश की नजर में होगी। कोई भी देश या संगठन सवाल उठा सकता है।’’
उन्होंने कहा कि इसलिए जांच गंभीरता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए, और यह उसी भावना से की जा रही है।
पिछले साल 12 जून को, लंदन के गैटविक जा रहा विमान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद एक मेडिकल कॉलेज छात्रावास के परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान में आग लग गई, जिससे उसमें सवार 242 लोगों में से 241 और परिसर में 19 लोगों की मौत हो गई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) स्वतंत्र जांच कर रहा है और उसने जो भी संसाधन मांगे हैं, हम उसे दे रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि जांच आखिरी चरण में है और एक महीने में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
नायडू ने कहा कि उनका मंत्रालय मृतकों के परिजनों द्वारा एयरलाइन के खिलाफ उठाए गए किसी भी मुद्दे पर गौर करेगा।
कुछ मृतकों के परिवार वालों द्वारा एअर इंडिया से जताई गई नाराजगी के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
मंत्रालय में हमारा एक प्रकोष्ठ है, जो उस समय घोषित किए गए मुआवजे और दूसरी चीजों का समन्वय कर रहा है। अगर किसी को कोई दिक्कत है, तो हम उसे देखेंगे।’’
गुजरात से विमान हादसे में मारे गए लोगों के लगभग 30 परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखकर हादसे के पीछे की सच्चाई सामने लाने के लिए ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर’ (सीवीआर) और ‘फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर’ (एफडीआर) ब्लैक बॉक्स डेटा जारी करने का अनुरोध किया था।


