मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र स्थित जड़ौदा गांव के विश्वकर्मा इंटर कॉलेज में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कॉलेज परिसर की खुदाई में मानव अस्थियां और राख बरामद हुई। इस घटना से छात्रों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। शुरुआत में छात्रों को कॉलेज परिसर में मानव हड्डियों जैसी वस्तुएं दिखाई दीं, जिससे उनमें डर फैल गया। कई छात्र अपनी कक्षाओं से बाहर आ गए और कुछ ने अपने परिजनों को सूचना दी। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण कॉलेज पहुंच गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर में संदिग्ध रूप से कुछ दबाया गया है और तुरंत खुदाई की मांग की। मौके पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि कॉलेज प्रशासन शुरुआत में खुदाई कराने को तैयार नहीं था, जिससे उनका शक गहरा गया। बढ़ते तनाव को देखते हुए मंसूरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मौजूदगी में संदिग्ध स्थान की खुदाई शुरू कराई। खुदाई के दौरान वहां से भारी मात्रा में राख और अस्थियां बरामद हुईं, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। पता चला कि ये अस्थियां किसी आपराधिक घटना से संबंधित नहीं थीं, बल्कि कॉलेज के पूर्व प्रबंधक वेद प्रकाश की थीं। जानकारी के अनुसार, उनके निधन के बाद उनके पुत्र और वर्तमान प्रबंधक ने अस्थियों को गंगा में विसर्जित करने के बजाय कॉलेज परिसर में ही दबा दिया था। इस खुलासे के बावजूद अभिभावकों और ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने कॉलेज परिसर में अस्थियां दबाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि स्कूल बच्चों की शिक्षा का स्थान है और ऐसी जगह पर अस्थियां दबाना अनुचित है, जिससे छात्रों के मन में भय पैदा हुआ है।


