कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर नौकरी के नाम 1.5लाख की ठगी:17 हजार सैलरी बताई, एकाउंट में 6 हजार आई, ठगों ने रेलवे का आई कार्ड भी बनवा दिया

कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर नौकरी के नाम 1.5लाख की ठगी:17 हजार सैलरी बताई, एकाउंट में 6 हजार आई, ठगों ने रेलवे का आई कार्ड भी बनवा दिया

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से 1.5 लाख रुपए ठग लिए गए। इसके लिए आरोपी युवक ने अपने आप को एक्सेलेटर संचालन करने वाली टीम का सुपवाइजर बताया था। पीड़ित युवक का आरोप है- श्याम नगर के रहने वाले युवक ने उनसे स्टेशन पर तीन महीने काम कराया, उसके बाद उसको दो महीने की सैलरी देने के बाद नौकरी से निकाल दिया है। आज पीड़ित मोनू और उसकी पत्नी ने कानपुर सेंट्रल GRP को FIR दर्ज करवाने के लिए शिकायती पत्र दिया है। हालांकि आरोपियों ने रेलवे अधिकारी की मुहर लगा हुआ आई कार्ड भी जारी कर दिया। अब सनझिए कैसे हुई ठगी पीड़ित युवक का नाम मनोज सोनकर है। मनोज कानपुर के बजरिया का रहने वाला है। इनके परिवार में इनकी मां और पत्नी है। रेलवे स्टेशन पर सुशील कुशवाह इटॉस एलीवेटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में सुस्परवाइजर के पद पर नौकरी करता था। इस पर आरोप है, इन्होंने 1.5 लाख रुपए दो बार में कैश लिया। पीड़ित ने पहली किस्त 70 हजार रुपए मार्च महीने के शरुआत में दी थी। उसके कुछ दिन बाद 80 हजार रुपए कैश दिया था। उसके बाद मार्च, अप्रैल और मई तक नौकरी की। जबकि पीड़ित का कहना है- उसको मई महीने की सैलरी नहीं दी गई। जब उसने सैलरी की मांग की तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। 17 हजार सैलरी बताई, एकाउंट में 6 हजार आई पीड़ित मोनू सोनकर के मुताबिक उसकी नौकरी के लिए सुशील को पैसे दिए थे। जिसके बाद प्रयागराज में अतुल नाम के युवक ने उसकी ट्रेनिंग दी गई थी। ट्रेनिंग के दौरान ठगों ने रेलवे स्टेशन के बाहर बनी इलाहाबाद बैंक में उसका खाता खुलवा दिया। यहां ट्रेनिंग के समय पीड़ित को 17 हजार 8 सौ 60 रुपए सैलरी बताई। लेकिन मार्च और अप्रैल में खाते में केवल कुल 12 हजार रुपए आये। जब पीड़ित ने इस बात विरोध किया तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। आरोपियों ने 1.5 लाख रुपए लेकर ईटॉस एलीवेटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में 55/23/3 कमता नेहरू रोड, प्रयागराज में नौकरी लगवाई थी। पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारियां बढ़ी मोनू के पिता की मृत्यु हो जाने के बाद वह मां और पत्नी के साथ घर में रहता था। परिवार का भरण पोषण के लिए पत्नी नौकरी करती थी। इसके बाद मोनू ने नौकरी की तलाश में इधर उधर भटकने लगा। तभी उसकी मुलाकात सुशील कुशवाह से हुई। जहां उसने नौकरी लगवाने के नाम पर पहले 1.5 लाख की ठगी की। उसके बाद 9 मार्च 2026 को नौकरी में रख लिया। और उसको एक आई कार्ड बना कर दे दिया। मोनू ने बताया- केवल हमको एक आईकार्ड दिया गया है। इसके अलावा उसको कोई कागज नहीं दिया गया। नौकरी जाने के बाद आज मोनू अपनी पत्नी के साथ कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर FIR दर्ज करवाने के लिए शिकायती पत्र लेकर पहुंचा। कानपुर सेंट्रल के राजकीय रेलवे पुलिस बल के थाना प्रभारी ओम नारायण सिंह ने बताया- जांच करने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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