जमुई में निगरानी विभाग का रेड, क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार:सोनो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 37 हजार रुपए लेते पकड़ा गया

जमुई में निगरानी विभाग का रेड, क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार:सोनो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 37 हजार रुपए लेते पकड़ा गया

जमुई जिले के सोनो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक क्लर्क को 37 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार क्लर्क की पहचान रूपेश कुमार के रूप में हुई है। क्लर्क रूपेश कुमार पर एएनएम राजनंदनी की 11 महीने की सैलरी क्लियर करने के एवज में एक महीने का वेतन, यानी 37 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मांग फरवरी 2025 से की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने सत्यापन किया और जाल बिछाकर कार्रवाई की। 23 मार्च को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी पीड़ित एएनएम राजनंदनी ने बताया कि रिश्वत के पैसे का इंतजाम करने के लिए उन्हें अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ी। उन्होंने 23 मार्च को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। राजनंदनी ने यह भी आरोप लगाया कि रूपेश कुमार दबंग प्रवृत्ति के हैं और पहले भी कई अन्य कर्मियों से 6,000 रुपये ले चुके हैं, लेकिन डर के कारण किसी ने शिकायत नहीं की। टीम ने रूपेश कुमार को 37,000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने इस मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एएनएम राजनंदनी की शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और सत्यापन में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद टीम ने रूपेश कुमार को 37,000 रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राजनंदनी ने यह भी बताया कि रिश्वत का यह पूरा खेल प्रभारी शशि भूषण के सामने चल रहा था। जमुई जिले के सोनो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक क्लर्क को 37 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार क्लर्क की पहचान रूपेश कुमार के रूप में हुई है। क्लर्क रूपेश कुमार पर एएनएम राजनंदनी की 11 महीने की सैलरी क्लियर करने के एवज में एक महीने का वेतन, यानी 37 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मांग फरवरी 2025 से की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने सत्यापन किया और जाल बिछाकर कार्रवाई की। 23 मार्च को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी पीड़ित एएनएम राजनंदनी ने बताया कि रिश्वत के पैसे का इंतजाम करने के लिए उन्हें अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ी। उन्होंने 23 मार्च को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। राजनंदनी ने यह भी आरोप लगाया कि रूपेश कुमार दबंग प्रवृत्ति के हैं और पहले भी कई अन्य कर्मियों से 6,000 रुपये ले चुके हैं, लेकिन डर के कारण किसी ने शिकायत नहीं की। टीम ने रूपेश कुमार को 37,000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने इस मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एएनएम राजनंदनी की शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और सत्यापन में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद टीम ने रूपेश कुमार को 37,000 रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राजनंदनी ने यह भी बताया कि रिश्वत का यह पूरा खेल प्रभारी शशि भूषण के सामने चल रहा था।  

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