“मुझे मेरी दीदी ने 15 साल की उम्र में पापा की उम्र के लोगों के सामने परोस दिया। मैं कुछ समझ ही नहीं पाई कि मेरे साथ क्या हो रहा है। मैं चीखती, चिल्लाती मना करती तो मुझे सिगरेट से जलाया जाता था। कई प्रोग्राम में तो शराब पिलाकर जबरन डांस कराया जाता था। यहां लोग अंडरगारमेंट में पैसे डालते थे। कुछ लोग तो मुंह में मुंह सटाकर पैसा देते थे। दीदी मुझे यह सब करने पर मजबूर करती थी। हर दिन मेरे साथ ऐसा होता था। शाम होते ही मैं रात का दर्द सोचकर डर जाती थी। दरिंदगी से बचने के लिए कई दिनों तक सेनेटरी पैड लगाकर रहती थी। पुलिस ने दीदी के चंगुल से छुड़ाया तो लगा मुझे नया जीवन मिल गया है..।” रोंगटे खड़े कर देने वाली यह कहानी भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद चल रहे पुलिस के एक्शन में बरामद हुई 15 साल की नाबालिग सोनी (बदला हुआ नाम) की है। बंगाल की रहने वाली सोनी को सीवान के पचरुखी के पायल ऑर्केस्ट्रा से रेस्क्यू किया गया है। सोनी ही नहीं अब तक रेस्क्यू की गई 50 नाबालिग लड़कियों में हर किसी की कहानी के पीछे कुछ ऐसा ही दर्द है। पढ़िए रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा की के दलदल से निकली नाबालिग लड़कियों की कहानी..। दीदी पढ़ाई के बहाने मुझे बिहार लेकर आई नाबालिग ने बताया- मेरी दीदी बोलती थी कि बिहार में भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग में काम करती है। वो खूब पैसे कमाती थी, इसलिए घर वालों को लगता था बड़ा काम कर रही है। पापा मजदूरी करते थे, मां दूसरे के घरों में बर्तन साफ करती थी। मम्मी-पापा का शौक था कि मैं अच्छे से पढ़ाई करूं। 6 महीने पहले हावड़ा में ही सड़क हादसे में पापा की मौत हो गई। पापा की मौत पर दीदी घर आई और मुझे पढ़ाई के बहाने से बिहार ले आई। जब मैं सीवान पहुंची तो देखा मेरी दीदी ऑर्केस्ट्रा ग्रुप चलाती है। ग्रुप में जितनी लड़कियां थीं सब काफी कम उम्र की थीं। वह बार जैसा डांस करती थीं। कुछ दिन रहने के बाद पता चला कि दीदी ने पचरुखी के पास के ही एक गांव के युवक से शादी कर ली है। दोनों को एक बच्चा भी है। कुछ दिन रहने के बाद दीदी मुझे अपने साथ एक प्रोग्राम में ले गई। वहां लड़कियां ट्रैक्टर ट्रॉली पर चढ़कर डांस कर रही थीं। नीचे लड़के अश्लील हरकतें कर रहे थे। कोई मुंह से मुंह सटाकर पैसे दे रहा था तो कोई अंडरगारमेंट में पैसे डाल रहा था। लड़कियों का हाथ पकड़कर लोग जबरदस्ती खीच रहे थे। पैसे लेकर पापा की उम्र के लोगों के पास भेजती थी लड़की ने कहा- ये सब देखने के बाद मैंने अपनी दीदी से कहा, मुझे यहां नहीं रहना। मैं वापस घर जाना चाहती हूं। दीदी मुझ पर गुस्सा करने लगी। बोली – तुम्हें वैसा ही करना है, जैसा मैं कहूंगी। वह दबाव बनाने लगी कि तुम्हे यहीं रहना है, यही काम करना है। यहां बैठकर मुफ्त की रोटी नहीं तोड़नी है। मैं जब डांस के लिए जाने से मना करती तो मारती थी। कई बार पैसे लेकर पापा की उम्र के लोगों के पास भेज देती थी। दीदी और उसका पति दोनों मुझसे 15 साल की उम्र में गंदे डांस के साथ धंधा करना चाहती थी। मेरे मना करने पर दीदी और जीजा मिलकर मारते पीटते थे। दोनों मेरे बाल पकड़कर बोलते थे कि अगर डांस नहीं किया तो ऐसा हाल करेंगे कि कभी सोचा भी नहीं होगा, मैं इससे डर जाती थी। वह जैसा बोलते थे, मुझे वैसा करना पड़ता था। रात-रात भर मुझसे स्टेज पर डांस कराया जाता था। यहां हर कोई मेरे साथ गलत करना चाहता था। कोई मेरी कमर पकड़ता था तो कोई मेरे प्राईवेट पार्ट को छूने की कोशिश करता था। दूसरी डांसर्स को 3 हजार रुपए एक नाइट का देती थी, लेकिन मुझे बोलती थी तुम घर की हो, तुमको खिला-पिला रहे हैं। दीदी के पति ने मेरे साथ संबंध बनाया एक दिन दीदी का पति मेरे पास आया और जबरदस्ती मेरे साथ गलत काम किया। यह बात जब मैंने दीदी से बताई तो कहने लगी कि यहां यह सब कुछ नॉर्मल है। इसके बाद तो मुझे अलग-अलग लोगों के लोगों के पास भेजा जाने लगा। मुझे मां से बात तक नहीं करने देती थी। कई बार मैंने भागने की भी कोशिश की, लेकिन पकड़कर बहुत पीटा गया। एक बार मैं पचरुखी रेलवे स्टेशन तक चली गई, लेकिन भागने की भनक दीदी और जीजा को लग गई। वह मुझे रेलवे स्टेशन से पकड़कर ले गए और बहुत पीटा। मैं यहां से निकलना चाहती थी, लेकिन जब भी निकलने की कोशिश करती थी मुझे यह लोग पकड़ लेते थे और पिटाई करते थे। डांस तो सिर्फ नाम का था, यहां सब गंदा काम होता था। मैं पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना की रहने वाली हूं। पढ़ाई में काफी तेज थी। घर वालों को मुझ पर काफी नाज था। 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद आगे की पढ़ाई का प्लान चल ही रहा था कि इस बीच मेरे पापा को लकवा मार दिया। मां पहले से ही दिमागी रूप से बीमार हैं, दो-दो छोटे भाई बहन की जिम्मेदारी मेरे ऊपर आ गई। परिवार को चलाने के लिए मैने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और नौकरी के लिए दिल्ली चली गई। कॉल सेंटर में काम करने के दौरान मेरी दोस्ती राहुल से हो गई। राहुल ने मेरा माइंडवॉश किया और पैसे का लालच दिखाकर बिहार के सीवान में आनदर बाजार में रिया ऑर्केस्ट्रा म्यूजिकल ग्रुप में 50 हजार में बेच दिया। मुझे पता भी नहीं चला कि मैं बेच दी गई हूं। राहुल बोला- यहां डांस करने वाली लड़कियों को काफी पैसा मिलता है। वायरल हो जाती हैं तो फिल्मों में पहुंच जाती हैं। मैं उसकी बातों में आ गई। मैं पढ़ने वाली लड़की पैसे के लिए यहां डांस करने लगी। एजेंट्स पैसे का लालच दिखाकर मेरे साथ फिजिकल हुए और मैं कब किससे प्रिग्नेंट हो गई पता ही नहीं चला। इसका पता भी काफी बाद में चला और तब डॉक्टर ने भी अबॉर्शन करने से मना कर दिया। मुझे बच्चा पैदा करने का दबाव बनाया गया, मैं 17 साल में बिन ब्याही मां बन गई। एजेंट्स चाहते थे कि बच्चे को बेच दिया जाए, लेकिन मैंने ऐसा नहीं करने दिया। एक साल में मैंने एक लाख का काम किया, पैसे सिर्फ 50 हजार मिले लड़की ने आगे बताया- एक साल में मैने एक लाख का काम किया, लेकिन मुझे महज 50 हजार रुपए ही दिए गए। बोला गया कि राहुल ने मेरे बदले 50 हजार रुपए लिए हैं। अब ना तो राहुल का फोन लगता है, ना ही उसका कोई अता पता है। मैं यहां से निकल नहीं पा रही थी। मुझे लग रहा था कि यहां रही तो किसी ना किसी दिन मेरे बेटे को एजेंट्स गायब कर बेच देंगे। पुलिस ने अचानक रेड की तो मेरे साथ कई नाबालिग लड़कियां बरामद हुई हैं। दोनों नाबालिग को मेरे साथ ही किसी ने यहां ऑर्केस्ट्रा में बेचा था। जब मैं डांस करने जाती थी तो मेरे साथ लोग गंदा काम करते थे। हर कोई गलत तरीके से पकड़ता था। प्राईवेट पार्ट को पकड़ना तो यहां आम बात हो गई थी। यहां कितनी भी शरीफ लड़की आ जाए वह शरीफ रह ही नहीं पाएगी। यहां अपने लोग ही बेच देते हैं। एक बार जो इस दलदल में फंस गई वह बाहर नहीं निकल पाती है। मैं भी अब कहां जाउंगी, मुझे समझ में ही नहीं आ रहा है। मैं बिना शादी के ही मां बन गई हूं, एक साल का बेटा हो गया लेकिन मुझे खुद पता नहीं कि उसका पिता कौन है। ऐसे में घर परिवार और मोहल्ले वालों के बीच जा ही नहीं सकती हूं। मैं पश्चिम बंगाल की वर्धमान की रहने वाली हूं। मुझे 15 साल की उम्र में लोगों का खिलौना बना दिया गया है। इस काम में मुझे मेरी मौसी ने ही ढकेल दिया है। वो मुझे घर से बच्चों की देख-रेख के लिए लाई थी, लेकिन यहां लाकर अश्लील डांस कराने लगी। मुझे पैसे का लालच देकर लोगों के पास भेजने लगी। मैं काफी गरीब परिवार से हूं, इसलिए मुझे मेरी मौसी ने टारगेट कर लिया। वह मेरी मां से बोली – खुशी को मैं अपने पास रख लेती हूं, पढ़ा लिखाकर इसकी जिंदगी बना दूंगी।यहां रहने के बाद मुझे पता चला कि मौसी ऑर्केस्ट्रा में डांस करती है। यह बात मेरे घर में किसी को पता भी नहीं था। कितने भी गरीब हैं, लेकिन परिवार वाले मुझे इस काम के लिए भेजता ही नहीं। मौसी ने मुझसे कहा कि किसी को नहीं बताना कि मैं यहां ऑर्केस्ट्रा में डांस करती हूं। जब भी प्रोग्राम होता था तो मौसी मुझे जबरदस्ती ले जाती थी। वह जैसा करती थी, मुझे भी उसी तरह से करने को बोलती थी। मैं उनके 6 महीने के बच्चे को खिलाती और देखभाल करती थी और वह नाचती थी। करीब 5 से 6 महीने तक मैं प्रोग्राम में जाती थी और बच्चे की देखभाल करती थी। मैं देखती थी कि लोग डांस के दौरान काफी अश्लील हरकत कर रहे हैं। कोई दांत से मौसी का गाल काट रहा है तो कोई अपने गोदी में बैठा रहा है। सभी डांसर यह सब कुछ करती थी। मालिक खुद सभी डांसर्स से अश्लील डांस करने के लिए कहता था, क्योंकि जितना अश्लील डांस होता था, लोग उतने ही ज्यादा पैसे लुटाते थे। मेरी मौसी मेरा ब्रेनवॉश करने लगी और कहने लगी देखो घर में कितनी गरीबी है? यहां काम करोगी तो घर वालों को भी पैसे से हेल्प मिलेगी। उसके बाद मुझे भी लोगों के पास भेजने लगी। जब प्रोग्राम होता था तब स्टेज से लोग मुझे नीचे खींच लेते थे। अधेड़ उम्र के लोग मुझे अपनी गोदी में बैठाते थे, अपने दांत से मेरा गाल काटते थे। मुझे एक पैसे नहीं मिलते थे, काम के सभी पैसे मेरी मौसी रख लेती थी। मैं 10 साल की थी जब मेरे पापा की मुंबई में डेथ हो गई। ट्रक चलाते समय उनका एक्सीडेंट हो गया था। पापा के जाने के बाद मेरी पढ़ाई छूट गई। मां घर का काम कर खर्च चलाती थी, लेकिन 4 साल बाद उसे भी कैंसर हो गया। मेरे ऊपर पहाड़ टूट पड़ा। मामा ने मां का इलाज कराया, लेकिन पैसे के लिए मुझे बेच दिया। मां भी नहीं बची और मैं ऐसी दहलीज पर पहुंच गई जहां मुझे मेरे बाप की उम्र के लोगों को खुश करना पड़ता है। मैं यूपी की रहने वाली हूं, मेरे ही एक करीबी रिश्तेदार ने मुझे बेचा है। यहां लोग प्रोग्राम में ले जाते थे और बोलते थे काटूंगा, शरीर पर जितने दांत के निशान पड़ेंगे, उतने 100 रुपए के नोट देंगे। यहां पैसे कमाने के लिए लड़कियां ऐसा करती थीं। ये सब कुछ मुझे अच्छा नहीं लगता था। कई बार मैने अपनी मौसी को डांस करने से मना कर दिया, लेकिन वो मुझसे जबरदस्ती डांस करवाती थी। वह चाहती थी कि रोज नए लोगों के पास जाऊं और वहां उन्हें खुश करके मौसी को पैसे कमवाऊं। मेरे साथ कई बार गलत हुआ है। अगर पुलिस रेस्क्यू में मुझे नहीं बाहर निकालती तो इस दलदल से कभी नहीं निकल पाती। ऑर्केस्ट्रा के नाम पर पूरा धंधा चल रहा है। यहां लड़कियों को जानवरों से भी बदतर स्थिति में रखा जाता है। कोई किसी की बात नहीं सुनता है, बस लोगों को अपनी भूख मिटानी होती है। हर लड़की किसी ना किसी के निगाह में रहती है। जब कोई चाहता है ले जाता है। नाबालिग लड़कियों की तो यहां काफी डिमांड की जाती है, कोई भी आता है वह नाबालिग लड़की की ही डिमांड करता है। मैं पुलिस को थैंक्स बोलूंगी कि मुझे इस दलदल से निकाल लिया। 50 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के SP को आदेश जारी कर ऑर्केस्ट्रा की स्कैनिंग करने को कहा था। इसी आदेश के बाद बिहार के सभी जिलों पुलिस की रेड शुरू हो गई। पुलिस का सबसे बड़ा एक्शन सीवान में हुआ जहां भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट में महिला रिपोर्टर को 5 दिनों में 3 बार बेचा गया। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अब तक 50 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कराया गया है। महिला रिपोर्टर को बेचने वाले एजेंट्स को भी गिरफ्तार किया गया है जिसमें मास्टरमाइंड गुड़िया भी शामिल है। पुलिस के साथ NGO दिल्ली रेस्क्यू फाउंडेशन सीवान में लगातार छापेमारी कर रही है। सीवान के 2 थानों में एजेंट्स के खिलाफ FIR सीवान में 2 थानों में एजेंट्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आंदर और पचरुखी थाने में पुलिस ने दर्जनों एजेंट्स के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि ऑर्केस्ट्रा संचालक पैसों का लालच देकर शादी और पार्टियों में लड़कियों से अश्लील फंक्शन में अश्लील डांस कराया जाता था। डांस के दौरान लड़कियों से जबरन अश्लील इशारे करवाए जाते थे। लड़कियों को अनैतिक काम करने पर भी मजबूर किया जाता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि नाबालिग लड़कियों को अमानवीय तरीके से रखा जाता था। ——————– ऑपरेशन रेड लाइट के तीनों पार्ट भी पढ़िए… पार्ट-1: 5 दिन रेड लाइट एरिया में महिला रिपोर्टर: एजेंट्स ने 3 बार बेचा; कैसे लड़कियों का किया जाता है ब्रेनवॉश, साठगांठ एक्सपोज ‘लड़की तो एकदम हॉट है। देखने वाला पागल हो जाएगा। फेस देखकर लोग मुंह मांगी कीमत देने को तैयार हो जाएंगे। हरियाणा वाली है, कस्टमर को खुश कर देगी। बिहार में ऐसी आइटम नहीं मिलेगी। मुझे तो अब तक ऐसी नैन नख्श वाली लड़की नहीं मिली…। कहां से आई हो..। अब तक कहां थी। मार्केट में पहली बार तुम्हें देखा है। यह जगह तुम्हारे लिए सही नहीं है। मेरे साथ चलो, विधायक जी से मिलवा दूंगा। एक बार उन्होंने हाथ रख दिया तो जिंदगी बदल जाएगी। रानी बनाकर रखेंगे। इलाके के लोग भी सलाम ठोकेंगे..।’ पूरी खबर पढ़िए पार्ट-2: इंजेक्शन लगाकर लड़कियों को जवान बना रहे: बॉयफ्रेंड बनकर प्रेग्नेंट करते, 5 लाख में बच्चों का सौदा, डॉक्टर बोला- हॉस्पिटल-कस्टमर सब सेट “अनमैरिड लड़की है। बच्चे को लेकर कोई क्लेम नहीं करेगी। आप लड़की को हॉस्पिटल लाइएगा। यहां अल्ट्रासाउंड करके बच्चे का जेंडर का पता कर लेंगे। लड़का निकला तो मुंह मांगे पैसे मिल जाएंगे, लड़की हुई तो भी अच्छे पैसे बच जाएंगे। पुलिस का कोई टेंशन नहीं है, हमने पहले बहुत बच्चों को एडजेस्ट कराया है।” अनमैरिड लड़कियों के बच्चों को बेचने का ऑफर सीवान के मशहूर नवीन मैटरनिटी एंड चाइल्ड केयर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए पार्ट-3: ‘रेड लाइट एरिया की दीदी कहती-कस्टमर खुश करो, आगे बढ़ो’: ट्रैप में डॉक्टर की बेटी, बोली- बॉयफ्रेंड बेच गया; रिपोर्टर ने सुना लड़कियों का दर्द ‘तुम सुंदर हो। वायरल हो जाओगी। बोल्ड कपड़े पहनकर खुद को एक्सपोज करो। जो दिखता है, वही बिकता है। बाहरी दुनिया से यहां सब सेफ है। मालिक जो बोलेगा कर देना। वह खुश रहेगा तो गाड़ी, बंगला सब मिल जाएगा। बिहार है, यहां डांसर्स हिट हो जाती हैं। कई वायरल होकर फिल्मी दुनिया में चली गई हैं। तुम भी हिट हो जाओगी, फिल्मों में दिखोगी..।’ रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा में लड़कियों का ब्रेनवॉश इसी तरह से किया जाता है। इस काम के लिए वहां पेशेवर महिलाएं रखी जाती हैं। पूरी खबर पढ़िए “मुझे मेरी दीदी ने 15 साल की उम्र में पापा की उम्र के लोगों के सामने परोस दिया। मैं कुछ समझ ही नहीं पाई कि मेरे साथ क्या हो रहा है। मैं चीखती, चिल्लाती मना करती तो मुझे सिगरेट से जलाया जाता था। कई प्रोग्राम में तो शराब पिलाकर जबरन डांस कराया जाता था। यहां लोग अंडरगारमेंट में पैसे डालते थे। कुछ लोग तो मुंह में मुंह सटाकर पैसा देते थे। दीदी मुझे यह सब करने पर मजबूर करती थी। हर दिन मेरे साथ ऐसा होता था। शाम होते ही मैं रात का दर्द सोचकर डर जाती थी। दरिंदगी से बचने के लिए कई दिनों तक सेनेटरी पैड लगाकर रहती थी। पुलिस ने दीदी के चंगुल से छुड़ाया तो लगा मुझे नया जीवन मिल गया है..।” रोंगटे खड़े कर देने वाली यह कहानी भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद चल रहे पुलिस के एक्शन में बरामद हुई 15 साल की नाबालिग सोनी (बदला हुआ नाम) की है। बंगाल की रहने वाली सोनी को सीवान के पचरुखी के पायल ऑर्केस्ट्रा से रेस्क्यू किया गया है। सोनी ही नहीं अब तक रेस्क्यू की गई 50 नाबालिग लड़कियों में हर किसी की कहानी के पीछे कुछ ऐसा ही दर्द है। पढ़िए रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा की के दलदल से निकली नाबालिग लड़कियों की कहानी..। दीदी पढ़ाई के बहाने मुझे बिहार लेकर आई नाबालिग ने बताया- मेरी दीदी बोलती थी कि बिहार में भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग में काम करती है। वो खूब पैसे कमाती थी, इसलिए घर वालों को लगता था बड़ा काम कर रही है। पापा मजदूरी करते थे, मां दूसरे के घरों में बर्तन साफ करती थी। मम्मी-पापा का शौक था कि मैं अच्छे से पढ़ाई करूं। 6 महीने पहले हावड़ा में ही सड़क हादसे में पापा की मौत हो गई। पापा की मौत पर दीदी घर आई और मुझे पढ़ाई के बहाने से बिहार ले आई। जब मैं सीवान पहुंची तो देखा मेरी दीदी ऑर्केस्ट्रा ग्रुप चलाती है। ग्रुप में जितनी लड़कियां थीं सब काफी कम उम्र की थीं। वह बार जैसा डांस करती थीं। कुछ दिन रहने के बाद पता चला कि दीदी ने पचरुखी के पास के ही एक गांव के युवक से शादी कर ली है। दोनों को एक बच्चा भी है। कुछ दिन रहने के बाद दीदी मुझे अपने साथ एक प्रोग्राम में ले गई। वहां लड़कियां ट्रैक्टर ट्रॉली पर चढ़कर डांस कर रही थीं। नीचे लड़के अश्लील हरकतें कर रहे थे। कोई मुंह से मुंह सटाकर पैसे दे रहा था तो कोई अंडरगारमेंट में पैसे डाल रहा था। लड़कियों का हाथ पकड़कर लोग जबरदस्ती खीच रहे थे। पैसे लेकर पापा की उम्र के लोगों के पास भेजती थी लड़की ने कहा- ये सब देखने के बाद मैंने अपनी दीदी से कहा, मुझे यहां नहीं रहना। मैं वापस घर जाना चाहती हूं। दीदी मुझ पर गुस्सा करने लगी। बोली – तुम्हें वैसा ही करना है, जैसा मैं कहूंगी। वह दबाव बनाने लगी कि तुम्हे यहीं रहना है, यही काम करना है। यहां बैठकर मुफ्त की रोटी नहीं तोड़नी है। मैं जब डांस के लिए जाने से मना करती तो मारती थी। कई बार पैसे लेकर पापा की उम्र के लोगों के पास भेज देती थी। दीदी और उसका पति दोनों मुझसे 15 साल की उम्र में गंदे डांस के साथ धंधा करना चाहती थी। मेरे मना करने पर दीदी और जीजा मिलकर मारते पीटते थे। दोनों मेरे बाल पकड़कर बोलते थे कि अगर डांस नहीं किया तो ऐसा हाल करेंगे कि कभी सोचा भी नहीं होगा, मैं इससे डर जाती थी। वह जैसा बोलते थे, मुझे वैसा करना पड़ता था। रात-रात भर मुझसे स्टेज पर डांस कराया जाता था। यहां हर कोई मेरे साथ गलत करना चाहता था। कोई मेरी कमर पकड़ता था तो कोई मेरे प्राईवेट पार्ट को छूने की कोशिश करता था। दूसरी डांसर्स को 3 हजार रुपए एक नाइट का देती थी, लेकिन मुझे बोलती थी तुम घर की हो, तुमको खिला-पिला रहे हैं। दीदी के पति ने मेरे साथ संबंध बनाया एक दिन दीदी का पति मेरे पास आया और जबरदस्ती मेरे साथ गलत काम किया। यह बात जब मैंने दीदी से बताई तो कहने लगी कि यहां यह सब कुछ नॉर्मल है। इसके बाद तो मुझे अलग-अलग लोगों के लोगों के पास भेजा जाने लगा। मुझे मां से बात तक नहीं करने देती थी। कई बार मैंने भागने की भी कोशिश की, लेकिन पकड़कर बहुत पीटा गया। एक बार मैं पचरुखी रेलवे स्टेशन तक चली गई, लेकिन भागने की भनक दीदी और जीजा को लग गई। वह मुझे रेलवे स्टेशन से पकड़कर ले गए और बहुत पीटा। मैं यहां से निकलना चाहती थी, लेकिन जब भी निकलने की कोशिश करती थी मुझे यह लोग पकड़ लेते थे और पिटाई करते थे। डांस तो सिर्फ नाम का था, यहां सब गंदा काम होता था। मैं पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना की रहने वाली हूं। पढ़ाई में काफी तेज थी। घर वालों को मुझ पर काफी नाज था। 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद आगे की पढ़ाई का प्लान चल ही रहा था कि इस बीच मेरे पापा को लकवा मार दिया। मां पहले से ही दिमागी रूप से बीमार हैं, दो-दो छोटे भाई बहन की जिम्मेदारी मेरे ऊपर आ गई। परिवार को चलाने के लिए मैने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और नौकरी के लिए दिल्ली चली गई। कॉल सेंटर में काम करने के दौरान मेरी दोस्ती राहुल से हो गई। राहुल ने मेरा माइंडवॉश किया और पैसे का लालच दिखाकर बिहार के सीवान में आनदर बाजार में रिया ऑर्केस्ट्रा म्यूजिकल ग्रुप में 50 हजार में बेच दिया। मुझे पता भी नहीं चला कि मैं बेच दी गई हूं। राहुल बोला- यहां डांस करने वाली लड़कियों को काफी पैसा मिलता है। वायरल हो जाती हैं तो फिल्मों में पहुंच जाती हैं। मैं उसकी बातों में आ गई। मैं पढ़ने वाली लड़की पैसे के लिए यहां डांस करने लगी। एजेंट्स पैसे का लालच दिखाकर मेरे साथ फिजिकल हुए और मैं कब किससे प्रिग्नेंट हो गई पता ही नहीं चला। इसका पता भी काफी बाद में चला और तब डॉक्टर ने भी अबॉर्शन करने से मना कर दिया। मुझे बच्चा पैदा करने का दबाव बनाया गया, मैं 17 साल में बिन ब्याही मां बन गई। एजेंट्स चाहते थे कि बच्चे को बेच दिया जाए, लेकिन मैंने ऐसा नहीं करने दिया। एक साल में मैंने एक लाख का काम किया, पैसे सिर्फ 50 हजार मिले लड़की ने आगे बताया- एक साल में मैने एक लाख का काम किया, लेकिन मुझे महज 50 हजार रुपए ही दिए गए। बोला गया कि राहुल ने मेरे बदले 50 हजार रुपए लिए हैं। अब ना तो राहुल का फोन लगता है, ना ही उसका कोई अता पता है। मैं यहां से निकल नहीं पा रही थी। मुझे लग रहा था कि यहां रही तो किसी ना किसी दिन मेरे बेटे को एजेंट्स गायब कर बेच देंगे। पुलिस ने अचानक रेड की तो मेरे साथ कई नाबालिग लड़कियां बरामद हुई हैं। दोनों नाबालिग को मेरे साथ ही किसी ने यहां ऑर्केस्ट्रा में बेचा था। जब मैं डांस करने जाती थी तो मेरे साथ लोग गंदा काम करते थे। हर कोई गलत तरीके से पकड़ता था। प्राईवेट पार्ट को पकड़ना तो यहां आम बात हो गई थी। यहां कितनी भी शरीफ लड़की आ जाए वह शरीफ रह ही नहीं पाएगी। यहां अपने लोग ही बेच देते हैं। एक बार जो इस दलदल में फंस गई वह बाहर नहीं निकल पाती है। मैं भी अब कहां जाउंगी, मुझे समझ में ही नहीं आ रहा है। मैं बिना शादी के ही मां बन गई हूं, एक साल का बेटा हो गया लेकिन मुझे खुद पता नहीं कि उसका पिता कौन है। ऐसे में घर परिवार और मोहल्ले वालों के बीच जा ही नहीं सकती हूं। मैं पश्चिम बंगाल की वर्धमान की रहने वाली हूं। मुझे 15 साल की उम्र में लोगों का खिलौना बना दिया गया है। इस काम में मुझे मेरी मौसी ने ही ढकेल दिया है। वो मुझे घर से बच्चों की देख-रेख के लिए लाई थी, लेकिन यहां लाकर अश्लील डांस कराने लगी। मुझे पैसे का लालच देकर लोगों के पास भेजने लगी। मैं काफी गरीब परिवार से हूं, इसलिए मुझे मेरी मौसी ने टारगेट कर लिया। वह मेरी मां से बोली – खुशी को मैं अपने पास रख लेती हूं, पढ़ा लिखाकर इसकी जिंदगी बना दूंगी।यहां रहने के बाद मुझे पता चला कि मौसी ऑर्केस्ट्रा में डांस करती है। यह बात मेरे घर में किसी को पता भी नहीं था। कितने भी गरीब हैं, लेकिन परिवार वाले मुझे इस काम के लिए भेजता ही नहीं। मौसी ने मुझसे कहा कि किसी को नहीं बताना कि मैं यहां ऑर्केस्ट्रा में डांस करती हूं। जब भी प्रोग्राम होता था तो मौसी मुझे जबरदस्ती ले जाती थी। वह जैसा करती थी, मुझे भी उसी तरह से करने को बोलती थी। मैं उनके 6 महीने के बच्चे को खिलाती और देखभाल करती थी और वह नाचती थी। करीब 5 से 6 महीने तक मैं प्रोग्राम में जाती थी और बच्चे की देखभाल करती थी। मैं देखती थी कि लोग डांस के दौरान काफी अश्लील हरकत कर रहे हैं। कोई दांत से मौसी का गाल काट रहा है तो कोई अपने गोदी में बैठा रहा है। सभी डांसर यह सब कुछ करती थी। मालिक खुद सभी डांसर्स से अश्लील डांस करने के लिए कहता था, क्योंकि जितना अश्लील डांस होता था, लोग उतने ही ज्यादा पैसे लुटाते थे। मेरी मौसी मेरा ब्रेनवॉश करने लगी और कहने लगी देखो घर में कितनी गरीबी है? यहां काम करोगी तो घर वालों को भी पैसे से हेल्प मिलेगी। उसके बाद मुझे भी लोगों के पास भेजने लगी। जब प्रोग्राम होता था तब स्टेज से लोग मुझे नीचे खींच लेते थे। अधेड़ उम्र के लोग मुझे अपनी गोदी में बैठाते थे, अपने दांत से मेरा गाल काटते थे। मुझे एक पैसे नहीं मिलते थे, काम के सभी पैसे मेरी मौसी रख लेती थी। मैं 10 साल की थी जब मेरे पापा की मुंबई में डेथ हो गई। ट्रक चलाते समय उनका एक्सीडेंट हो गया था। पापा के जाने के बाद मेरी पढ़ाई छूट गई। मां घर का काम कर खर्च चलाती थी, लेकिन 4 साल बाद उसे भी कैंसर हो गया। मेरे ऊपर पहाड़ टूट पड़ा। मामा ने मां का इलाज कराया, लेकिन पैसे के लिए मुझे बेच दिया। मां भी नहीं बची और मैं ऐसी दहलीज पर पहुंच गई जहां मुझे मेरे बाप की उम्र के लोगों को खुश करना पड़ता है। मैं यूपी की रहने वाली हूं, मेरे ही एक करीबी रिश्तेदार ने मुझे बेचा है। यहां लोग प्रोग्राम में ले जाते थे और बोलते थे काटूंगा, शरीर पर जितने दांत के निशान पड़ेंगे, उतने 100 रुपए के नोट देंगे। यहां पैसे कमाने के लिए लड़कियां ऐसा करती थीं। ये सब कुछ मुझे अच्छा नहीं लगता था। कई बार मैने अपनी मौसी को डांस करने से मना कर दिया, लेकिन वो मुझसे जबरदस्ती डांस करवाती थी। वह चाहती थी कि रोज नए लोगों के पास जाऊं और वहां उन्हें खुश करके मौसी को पैसे कमवाऊं। मेरे साथ कई बार गलत हुआ है। अगर पुलिस रेस्क्यू में मुझे नहीं बाहर निकालती तो इस दलदल से कभी नहीं निकल पाती। ऑर्केस्ट्रा के नाम पर पूरा धंधा चल रहा है। यहां लड़कियों को जानवरों से भी बदतर स्थिति में रखा जाता है। कोई किसी की बात नहीं सुनता है, बस लोगों को अपनी भूख मिटानी होती है। हर लड़की किसी ना किसी के निगाह में रहती है। जब कोई चाहता है ले जाता है। नाबालिग लड़कियों की तो यहां काफी डिमांड की जाती है, कोई भी आता है वह नाबालिग लड़की की ही डिमांड करता है। मैं पुलिस को थैंक्स बोलूंगी कि मुझे इस दलदल से निकाल लिया। 50 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के SP को आदेश जारी कर ऑर्केस्ट्रा की स्कैनिंग करने को कहा था। इसी आदेश के बाद बिहार के सभी जिलों पुलिस की रेड शुरू हो गई। पुलिस का सबसे बड़ा एक्शन सीवान में हुआ जहां भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट में महिला रिपोर्टर को 5 दिनों में 3 बार बेचा गया। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अब तक 50 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कराया गया है। महिला रिपोर्टर को बेचने वाले एजेंट्स को भी गिरफ्तार किया गया है जिसमें मास्टरमाइंड गुड़िया भी शामिल है। पुलिस के साथ NGO दिल्ली रेस्क्यू फाउंडेशन सीवान में लगातार छापेमारी कर रही है। सीवान के 2 थानों में एजेंट्स के खिलाफ FIR सीवान में 2 थानों में एजेंट्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आंदर और पचरुखी थाने में पुलिस ने दर्जनों एजेंट्स के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि ऑर्केस्ट्रा संचालक पैसों का लालच देकर शादी और पार्टियों में लड़कियों से अश्लील फंक्शन में अश्लील डांस कराया जाता था। डांस के दौरान लड़कियों से जबरन अश्लील इशारे करवाए जाते थे। लड़कियों को अनैतिक काम करने पर भी मजबूर किया जाता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि नाबालिग लड़कियों को अमानवीय तरीके से रखा जाता था। ——————– ऑपरेशन रेड लाइट के तीनों पार्ट भी पढ़िए… पार्ट-1: 5 दिन रेड लाइट एरिया में महिला रिपोर्टर: एजेंट्स ने 3 बार बेचा; कैसे लड़कियों का किया जाता है ब्रेनवॉश, साठगांठ एक्सपोज ‘लड़की तो एकदम हॉट है। देखने वाला पागल हो जाएगा। फेस देखकर लोग मुंह मांगी कीमत देने को तैयार हो जाएंगे। हरियाणा वाली है, कस्टमर को खुश कर देगी। बिहार में ऐसी आइटम नहीं मिलेगी। मुझे तो अब तक ऐसी नैन नख्श वाली लड़की नहीं मिली…। कहां से आई हो..। अब तक कहां थी। मार्केट में पहली बार तुम्हें देखा है। यह जगह तुम्हारे लिए सही नहीं है। मेरे साथ चलो, विधायक जी से मिलवा दूंगा। एक बार उन्होंने हाथ रख दिया तो जिंदगी बदल जाएगी। रानी बनाकर रखेंगे। इलाके के लोग भी सलाम ठोकेंगे..।’ पूरी खबर पढ़िए पार्ट-2: इंजेक्शन लगाकर लड़कियों को जवान बना रहे: बॉयफ्रेंड बनकर प्रेग्नेंट करते, 5 लाख में बच्चों का सौदा, डॉक्टर बोला- हॉस्पिटल-कस्टमर सब सेट “अनमैरिड लड़की है। बच्चे को लेकर कोई क्लेम नहीं करेगी। आप लड़की को हॉस्पिटल लाइएगा। यहां अल्ट्रासाउंड करके बच्चे का जेंडर का पता कर लेंगे। लड़का निकला तो मुंह मांगे पैसे मिल जाएंगे, लड़की हुई तो भी अच्छे पैसे बच जाएंगे। पुलिस का कोई टेंशन नहीं है, हमने पहले बहुत बच्चों को एडजेस्ट कराया है।” अनमैरिड लड़कियों के बच्चों को बेचने का ऑफर सीवान के मशहूर नवीन मैटरनिटी एंड चाइल्ड केयर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए पार्ट-3: ‘रेड लाइट एरिया की दीदी कहती-कस्टमर खुश करो, आगे बढ़ो’: ट्रैप में डॉक्टर की बेटी, बोली- बॉयफ्रेंड बेच गया; रिपोर्टर ने सुना लड़कियों का दर्द ‘तुम सुंदर हो। वायरल हो जाओगी। बोल्ड कपड़े पहनकर खुद को एक्सपोज करो। जो दिखता है, वही बिकता है। बाहरी दुनिया से यहां सब सेफ है। मालिक जो बोलेगा कर देना। वह खुश रहेगा तो गाड़ी, बंगला सब मिल जाएगा। बिहार है, यहां डांसर्स हिट हो जाती हैं। कई वायरल होकर फिल्मी दुनिया में चली गई हैं। तुम भी हिट हो जाओगी, फिल्मों में दिखोगी..।’ रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा में लड़कियों का ब्रेनवॉश इसी तरह से किया जाता है। इस काम के लिए वहां पेशेवर महिलाएं रखी जाती हैं। पूरी खबर पढ़िए


