किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने छत्तरगाछ पिकेट प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक रामबहादुर शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर जब्त ट्रैक्टरों को नियमों का उल्लंघन कर छोड़ने और बिचौलियों से सांठगांठ करने का आरोप है। यह कार्रवाई कर्तव्य पालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को रामबहादुर शर्मा के खिलाफ शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने थाना में जब्त किए गए दो वाहनों को नियमों के विरुद्ध मुक्त किया, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ और अनियमितता बरती गई। वाहन मुक्त करते समय भी नियमों की अवहेलना की गई थी इस शिकायत की जांच किशनगंज के पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि छत्तरगाछ पिकेट प्रभारी ने मुक्त किए गए दोनों वाहनों के कागजात का सत्यापन जिला परिवहन पदाधिकारी, किशनगंज से नहीं कराया था। इसके अतिरिक्त, वाहन मुक्त करते समय भी नियमों की अवहेलना की गई थी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर, पुलिस अधीक्षक ने पु०अ०नि० रामबहादुर शर्मा को नियम उल्लंघन, बिचौलियों से सांठगांठ कर गंभीर अनियमितता बरतने, संदिग्ध आचरण, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मनमानेपन और आदेशोल्लंघन का दोषी पाया। उन्हें तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, उनसे विभागीय जांच के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति अपनाई जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने छत्तरगाछ पिकेट प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक रामबहादुर शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर जब्त ट्रैक्टरों को नियमों का उल्लंघन कर छोड़ने और बिचौलियों से सांठगांठ करने का आरोप है। यह कार्रवाई कर्तव्य पालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को रामबहादुर शर्मा के खिलाफ शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने थाना में जब्त किए गए दो वाहनों को नियमों के विरुद्ध मुक्त किया, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ और अनियमितता बरती गई। वाहन मुक्त करते समय भी नियमों की अवहेलना की गई थी इस शिकायत की जांच किशनगंज के पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि छत्तरगाछ पिकेट प्रभारी ने मुक्त किए गए दोनों वाहनों के कागजात का सत्यापन जिला परिवहन पदाधिकारी, किशनगंज से नहीं कराया था। इसके अतिरिक्त, वाहन मुक्त करते समय भी नियमों की अवहेलना की गई थी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर, पुलिस अधीक्षक ने पु०अ०नि० रामबहादुर शर्मा को नियम उल्लंघन, बिचौलियों से सांठगांठ कर गंभीर अनियमितता बरतने, संदिग्ध आचरण, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मनमानेपन और आदेशोल्लंघन का दोषी पाया। उन्हें तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, उनसे विभागीय जांच के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति अपनाई जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।


