Hanumangarh: कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी भरा आया ईमेल, जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली

Hanumangarh: कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी भरा आया ईमेल, जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली

हनुमानगढ़। जिले में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला कलक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्रशासन को प्राप्त हुआ। सुबह करीब 11 बजे आए इस मेल में दावा किया गया कि कलक्ट्रेट परिसर में 16 बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे एक साथ विस्फोट करेंगे। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमा तुरंत अलर्ट हो गया और एहतियातन पूरे कलक्ट्रेट भवन को खाली करा लिया गया।

घटना के बाद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और वहां मौजूद आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सामने स्थित गार्डन में एकत्रित किया गया। कार्यवाहक जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा, एसडीएम मांगीलाल सुथार सहित अन्य अधिकारी भी तुरंत भवन से बाहर आ गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

बम निरोधक दस्ते ने की जांच

सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को बुलाया। इसके बाद कलक्ट्रेट के हर कक्ष, गैलरी और आसपास के क्षेत्र की सघन तलाशी ली गई। करीब दो घंटे तक चली जांच के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। सुरक्षा के मद्देनजर कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए थे और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। दोपहर करीब एक बजे जांच पूरी होने के बाद कार्यालय को दोबारा खोला गया और कामकाज सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया।

ईमेल के स्रोत की चल रही जांच

कार्यवाहक जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा ने बताया कि यह ईमेल प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को भेजा गया था, जिसमें साइनाइड से भरे ड्रम रखने और विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है और ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

लगातर मिल रही धमकियां

गौरतलब है कि पिछले एक साल में हनुमानगढ़ जिला प्रशासन को इस तरह की धमकियां कई बार मिल चुकी हैं। पिछले वर्ष 14 अप्रैल और 14 दिसंबर को भी कलक्ट्रेट को उड़ाने की धमकी मिली थी, जो जांच में फर्जी साबित हुई थीं। इसके अलावा इस साल मार्च और अप्रैल में मुख्य डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, हालांकि हर बार जांच में कोई वास्तविक खतरा सामने नहीं आया है।

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