महेंद्रगढ़ में एक नंदी (सांड) की मौत के बाद तीन गांवों में डीजे के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाली गई। ग्रामीणों ने उसे चादर ओढ़ाकर विदाई दी। नंदी का अंतिम संस्कार गांव राजपूत सिगड़ी स्थित शिव मंदिर के सामने किया गया, जहां उसकी समाधि बनाई जाएगी। गांव राजपूत सिगड़ी के पूर्व सरपंच राज ऋषि सवाई सिंह उर्फ गुरु दयाल ने बताया कि नंदी की मौत मंगलवार को गांव माजरा कलां में हुई। वह एक किसान के खेत में तारों में फंस गया था, जिससे उसकी जान चली गई। 15 सालों से तीन गांवों में घूमता रहता था राज ऋषि सवाई सिंह ने बताया कि यह नंदी पिछले 15 वर्षों से झुक, माजरा कलां और सिगड़ी गांवों में घूमता था। वह घरों में जाता था और महिलाएं उसे रोटी खिलाती थीं। बच्चों से भी उसका विशेष लगाव था और उसने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। नंदी की मौत की खबर सुनकर तीनों गांवों के लोग स्तब्ध रह गए। महिला और पुरुषों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी। यह नंदी अधिकतर गांव माजरा कलां में रहता था। राज ऋषि सवाई सिंह ने यह भी बताया कि राजपूत सिगड़ी गांव के शिव मंदिर के सामने सभी ग्रामीणों के सहयोग से नंदी महाराज का समाधि स्थल बनाया जाएगा, ताकि उसकी यादें बनी रहें।


