अमरोहा एसपी ने सड़क सुरक्षा पर की समीक्षा बैठक:’जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट’ बनाने पर दिया जोर, कड़े निर्देश दिए

अमरोहा एसपी ने सड़क सुरक्षा पर की समीक्षा बैठक:’जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट’ बनाने पर दिया जोर, कड़े निर्देश दिए

अमरोहा पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने पुलिस कार्यालय सभागार में सड़क सुरक्षा और दुर्घटना नियंत्रण से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद को ‘जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट’ (ZFD) के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का मूल्यांकन करना था। बैठक में विभिन्न विभागीय उत्तरदायित्वों, समस्त थानों के कार्यों और क्रिटिकल कॉरिडोर टीम (CCT) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जनपद को सड़क दुर्घटना-मुक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों पर विशेष ध्यान दिया गया। इस दौरान जनपद में हुई सभी सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें दुर्घटनाओं के कारण, समय, स्थान, मृतकों और घायलों की स्थिति के साथ-साथ मौके पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल था। जनपद में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स, क्रिटिकल कॉरिडोर और संवेदनशील मार्गों की स्थिति पर गहन चर्चा हुई। दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपायों को लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। सभी प्रभारियों और सीसी टीम के प्रभारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से महत्वपूर्ण मार्गों पर दृश्यमान पुलिसिंग, निरंतर गश्त और प्वाइंट-ड्यूटी का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रत्येक थाना क्षेत्र में स्थित ब्लैक स्पॉट्स पर चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, प्रकाश व्यवस्था और गति-नियंत्रण उपायों को शीघ्रता से पूरा करने का आदेश दिया गया, ताकि दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। बैठक में स्कूल-कॉलेजों, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों, चालक समुदाय और परिवहन कंपनियों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया। सोशल मीडिया और सामुदायिक संवाद कार्यक्रमों के जरिए यातायात नियमों के पालन हेतु प्रेरणादायक संदेशों का प्रसार बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। दुर्घटना होने की स्थिति में ‘गोल्डन आवर’ के सिद्धांत को प्राथमिकता देते हुए पुलिस, डायल-112 और एम्बुलेंस प्रणाली के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया, ताकि गंभीर रूप से घायलों को समय पर चिकित्सीय सहायता मिल सके।

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