मधेपुरा में डिलीवरी के बाद नवजात की मौत:परिजन बोले- NICU जाने को कहा, मगर वहां डॉक्टर नहीं थे; हंगामे के बाद पुलिस पहुंची

मधेपुरा में डिलीवरी के बाद नवजात की मौत:परिजन बोले- NICU जाने को कहा, मगर वहां डॉक्टर नहीं थे; हंगामे के बाद पुलिस पहुंची

मधेपुरा सदर अस्पताल में मंगलवार को डिलीवरी के बाद एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रोफेसर कॉलोनी निवासी मो. सिराज ने बताया कि वे अपनी पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल लाए थे। सिराज के अनुसार, जन्म के समय बच्चा स्वस्थ था, लेकिन बाद में उसकी स्थिति नाजुक बताई गई। उसे विशेष वार्ड (NICU) में ले जाने को कहा गया। परिजनों का आरोप है कि विशेष वार्ड में पहुंचने के बाद उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण बच्चा बिना इलाज के रहा। सिराज ने बताया कि उन्हें करीब 20-30 मिनट तक यह कहकर रोका गया कि डॉक्टर आ रहे हैं, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। डॉक्टर ने जांच कर बच्चे को मृत घोषित कर दिया
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब बच्चे को इलाज के लिए बेड पर रखा गया और सुई दी गई, तो खून बहने लगा। कुछ ही देर बाद डॉक्टर ने जांच कर बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर इलाज मिल जाता या उन्हें पहले ही स्थिति की जानकारी दे दी जाती, तो वे बच्चे को कहीं और ले जाकर उसकी जान बचा सकते थे। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराकर घर भेज दिया। मधेपुरा सदर अस्पताल में मंगलवार को डिलीवरी के बाद एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रोफेसर कॉलोनी निवासी मो. सिराज ने बताया कि वे अपनी पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल लाए थे। सिराज के अनुसार, जन्म के समय बच्चा स्वस्थ था, लेकिन बाद में उसकी स्थिति नाजुक बताई गई। उसे विशेष वार्ड (NICU) में ले जाने को कहा गया। परिजनों का आरोप है कि विशेष वार्ड में पहुंचने के बाद उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण बच्चा बिना इलाज के रहा। सिराज ने बताया कि उन्हें करीब 20-30 मिनट तक यह कहकर रोका गया कि डॉक्टर आ रहे हैं, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। डॉक्टर ने जांच कर बच्चे को मृत घोषित कर दिया
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब बच्चे को इलाज के लिए बेड पर रखा गया और सुई दी गई, तो खून बहने लगा। कुछ ही देर बाद डॉक्टर ने जांच कर बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर इलाज मिल जाता या उन्हें पहले ही स्थिति की जानकारी दे दी जाती, तो वे बच्चे को कहीं और ले जाकर उसकी जान बचा सकते थे। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराकर घर भेज दिया।  

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