गयाजी के बाराचट्टी प्रखंड के धनगाई थाना क्षेत्र के दीवनिया गांव स्थित खिलहा टोला में आज हादसा हो गया। बकरी को बचाने की कोशिश में एक वृद्ध किसान की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना में उनकी बकरी की भी जान चली गई। सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान इलाके में बिजली का खंभा गिर गया था। खंभा गिरने से हाईटेंशन तार टूटकर जमीन पर आ गिरा। ग्रामीणों का आरोप है कि तार टूटकर खुले में पड़ा था, लेकिन उसे हटाने या बिजली आपूर्ति बंद करने की दिशा में समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही ने एक बुजुर्ग किसान की जान ले ली। मंगलवार को दीवनिया गांव के खिलहा टोला निवासी 70 साल के बाढ़ो यादव अपनी बकरी को बधार में चरा रहे थे। इसी दौरान उनकी बकरी जमीन पर गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई और तड़पने लगी। अपनी आंखों के सामने बकरी को छटपटाता देख बाढ़ो यादव उसे बचाने दौड़ पड़े। जैसे ही उन्होंने बकरी को छुड़ाने की कोशिश की, वह खुद भी करंट की चपेट में आ गए। करंट से बाढ़ो यादव गंभीर रूप से झुलस गए। हालांकि आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़े और किसी तरह उन्हें वहां से हटाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाराचट्टी ले गए। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक मेडिकल जांच पड़ताल के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बाढ़ो यादव, पिता स्वर्गीय लटन यादव, निवासी दीवनिया गांव, खिलहा टोला के रूप में हुई है। घगांव के लोग भी सदमे में हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलते ही धनगाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थानाध्यक्ष श्रवण कुमार राम ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया भेजा गया है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि अगर गिरे तार को समय रहते हटाया जाता, तो एक बुजुर्ग की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। गयाजी के बाराचट्टी प्रखंड के धनगाई थाना क्षेत्र के दीवनिया गांव स्थित खिलहा टोला में आज हादसा हो गया। बकरी को बचाने की कोशिश में एक वृद्ध किसान की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना में उनकी बकरी की भी जान चली गई। सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान इलाके में बिजली का खंभा गिर गया था। खंभा गिरने से हाईटेंशन तार टूटकर जमीन पर आ गिरा। ग्रामीणों का आरोप है कि तार टूटकर खुले में पड़ा था, लेकिन उसे हटाने या बिजली आपूर्ति बंद करने की दिशा में समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही ने एक बुजुर्ग किसान की जान ले ली। मंगलवार को दीवनिया गांव के खिलहा टोला निवासी 70 साल के बाढ़ो यादव अपनी बकरी को बधार में चरा रहे थे। इसी दौरान उनकी बकरी जमीन पर गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई और तड़पने लगी। अपनी आंखों के सामने बकरी को छटपटाता देख बाढ़ो यादव उसे बचाने दौड़ पड़े। जैसे ही उन्होंने बकरी को छुड़ाने की कोशिश की, वह खुद भी करंट की चपेट में आ गए। करंट से बाढ़ो यादव गंभीर रूप से झुलस गए। हालांकि आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़े और किसी तरह उन्हें वहां से हटाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाराचट्टी ले गए। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक मेडिकल जांच पड़ताल के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बाढ़ो यादव, पिता स्वर्गीय लटन यादव, निवासी दीवनिया गांव, खिलहा टोला के रूप में हुई है। घगांव के लोग भी सदमे में हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलते ही धनगाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थानाध्यक्ष श्रवण कुमार राम ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया भेजा गया है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि अगर गिरे तार को समय रहते हटाया जाता, तो एक बुजुर्ग की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।


