शेखपुरा। मंगलवार को डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में कृषि विभाग की जिला टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि, गव्य विकास और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए। जिला पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को लंबित आवेदनों का तत्काल निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने खाद और बीज वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने तथा लाभान्वित किसानों की सूची उपलब्ध कराने को भी कहा। पंजीकरण के कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया
राजस्व कार्यों में तेजी लाने के लिए खाता-खसरा अपडेट करने, आधार सीडिंग और किसान पंजीकरण के कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, किसानों के बीच ‘बिहार कृषि ऐप’ की जानकारी प्रसारित करने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने पर भी जोर दिया गया। शेखपुरा जिले के घाटकुसुभा क्षेत्र में प्याज भंडारण के लिए गोदाम निर्माण हेतु जमीन चिन्हित करने और बगीचों की जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। कृषि यंत्रों की खरीद के लिए योग्य लाभुकों का चयन करने और खेती को बढ़ावा देने हेतु क्लस्टर निर्माण के निर्देश भी दिए गए। देशी गो-पालन योजना के 42 आवेदन लंबित
जिला गव्य विकास योजना की समीक्षा के दौरान, डीएम ने बताया कि बैंक स्तर पर समग्र विकास योजना और देशी गो-पालन योजना के 42 आवेदन लंबित हैं। उन्होंने इन आवेदनों की तत्काल जांच कर निष्पादन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। पशुओं के लिए पर्याप्त टीकाकरण और पशु चिकित्सालयों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। जिला पदाधिकारी ने वंशावली प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के मामलों में संबंधित अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा, ताकि किसानों के काम समय सीमा के भीतर पूरे हो सकें। उन्होंने नेचुरल फार्मिंग और ‘कृषि सखी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। शेखपुरा। मंगलवार को डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में कृषि विभाग की जिला टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि, गव्य विकास और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए। जिला पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को लंबित आवेदनों का तत्काल निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने खाद और बीज वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने तथा लाभान्वित किसानों की सूची उपलब्ध कराने को भी कहा। पंजीकरण के कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया
राजस्व कार्यों में तेजी लाने के लिए खाता-खसरा अपडेट करने, आधार सीडिंग और किसान पंजीकरण के कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, किसानों के बीच ‘बिहार कृषि ऐप’ की जानकारी प्रसारित करने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने पर भी जोर दिया गया। शेखपुरा जिले के घाटकुसुभा क्षेत्र में प्याज भंडारण के लिए गोदाम निर्माण हेतु जमीन चिन्हित करने और बगीचों की जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। कृषि यंत्रों की खरीद के लिए योग्य लाभुकों का चयन करने और खेती को बढ़ावा देने हेतु क्लस्टर निर्माण के निर्देश भी दिए गए। देशी गो-पालन योजना के 42 आवेदन लंबित
जिला गव्य विकास योजना की समीक्षा के दौरान, डीएम ने बताया कि बैंक स्तर पर समग्र विकास योजना और देशी गो-पालन योजना के 42 आवेदन लंबित हैं। उन्होंने इन आवेदनों की तत्काल जांच कर निष्पादन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। पशुओं के लिए पर्याप्त टीकाकरण और पशु चिकित्सालयों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। जिला पदाधिकारी ने वंशावली प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के मामलों में संबंधित अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा, ताकि किसानों के काम समय सीमा के भीतर पूरे हो सकें। उन्होंने नेचुरल फार्मिंग और ‘कृषि सखी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।


