मऊ जिले के सहादतपुरा क्षेत्र में नाले पर ट्रांसफार्मर लगाए जाने का वामपंथी संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। संयुक्त वामपंथी मोर्चा के बैनर तले विभिन्न दलों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों की जान को खतरा हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अभियंता को संबोधित एक चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में माकपा, भाकपा (माले), एमसीपीआई (यू), इंकलाबी मजदूर केंद्र और नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ता शामिल थे। वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि सहादतपुरा में पहले से ही एक ट्रांसफार्मर नाले पर रखा है, जिससे अक्सर करंट उतरने की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में उसी स्थान पर एक और ट्रांसफार्मर स्थापित करने का प्रयास नागरिकों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है। स्थानीय लोगों और सभासद के विरोध के बावजूद विभाग अपनी कार्रवाई पर अड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में जल निकासी की समस्या पहले से ही गंभीर है। हल्की बारिश में ही नाले और सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इस रास्ते से एक इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं का भी आना-जाना होता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। संगठनों ने कहा कि नाले पर ट्रांसफार्मर रखने से सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होगी और क्षेत्र में गंदगी की समस्या बढ़ेगी। स्थानीय लोगों द्वारा वैकल्पिक सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के बावजूद बिजली विभाग द्वारा जल्दबाजी में निर्णय लिया जाना संदेहास्पद बताया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि वे नागरिकों की सुरक्षा से समझौता कर किए जा रहे किसी भी विकास कार्य का विरोध करेंगे। ज्ञापन देने वालों में रामजी सिंह, वीरेंद्र कुमार, श्रीराम सिंह, वसंत कुमार, रामप्रवेश यादव, प्रसेन, विष्णु राजभर, सुरेश, दिव्या कुमार, सिकंदर, साधु यादव, रामबली राजभर, फेकू राजभर, दुर्ग विजय, विक्की राज और चिलम सहित कई लोग शामिल थे।


