आलीराजपुर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों की लापरवाही सामने आई। जहां एक ओर अधिकांश अधिकारी मोबाइल फोन पर व्यस्त रहे, वहीं दूसरी ओर एक जीवित व्यक्ति को ग्राम पंचायत द्वारा समग्र आईडी में मृत घोषित करने का हैरान करने वाला मामला सामने आया। कलेक्टर नीतू माथुर स्वयं लोगों की शिकायतें सुन रही थीं। जनसुनवाई के दौरान कई अधिकारी जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल फोन पर बातचीत और वॉट्सएप चैट करते देखे गए। यह स्थिति तब सामने आई है जब मोहन सरकार द्वारा अधिकारियों को बैठकों और जनसुनवाई में स्मार्टफोन के उपयोग से बचने के लिए कई बार निर्देश और चेतावनी दी जा चुकी है। इसी जनसुनवाई में उदयगढ़ तहसील के ग्राम बड़ा इटारा निवासी सुंदरसिंह बघेल का मामला भी सामने आया। ग्राम पंचायत ने उन्हें समग्र आईडी में मृत घोषित कर दिया था। सुंदरसिंह स्वयं को जीवित साबित करने के लिए कलेक्टर नीतू माथुर के समक्ष पेश हुए। समग्र आईडी से हटाया नाम सुंदरसिंह बघेल ने कलेक्टर को बताया कि उनका नाम समग्र आईडी से हटा दिया गया है। कलेक्टर नीतू माथुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिला पंचायत सीईओ को जांच सौंप दी। उन्होंने जल्द ही समस्या का निराकरण करने और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।


