मिर्जापुर के चुनार थाना क्षेत्र में 2022 में हुई हत्या के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन के अनुसार, यह घटना 7 अगस्त 2022 को हुई थी। उस दिन पवन और विकास परसोधा से बगही की ओर मोटरसाइकिल से जा रहे थे। बेला गांव स्थित हनुमान मंदिर के पास आरोपियों हिमांशु, प्रतीक और पवन ने उन्हें रोक लिया। न्यायालय ने आरोपियों को दोषी पाया आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में विकास को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पवन भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद 8 अगस्त 2022 को चुनार कोतवाली में मामला दर्ज किया गया था। जांच और सुनवाई के बाद, 15 गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी पाया और यह सख्त सजा सुनाई।


