जगदीशपुर के बड़ी मस्जिद में जलसा का आयोजन:हज यात्री को फूल माला पहनाकर विदाई दी, कार्यक्रम में सैकड़ों लोग शामिल हुए

जगदीशपुर के अखौरी मुहल्ला निवासी 76 वर्षीय मोहम्मद गाजी अंसारी सोमवार को हज यात्रा पर रवाना हुए। इस अवसर पर सैकड़ों अकीदतमंदों ने उन्हें विदाई दी। रवानगी से पूर्व मंगरी चौक स्थित बड़ी मस्जिद में एक जलसा आयोजित किया गया। इसमें अकीदतमंदों ने गाजी अंसारी को फूल-मालाएं पहनाकर उनकी सफल हज यात्रा के लिए दुआएं मांगीं। जलसे के बाद, गाजी अंसारी बड़ी मस्जिद से सदर बाजार चौरास्ता और कोतवाली होते हुए सवारथ साहू खेल मैदान तक सैकड़ों लोगों के साथ पहुंचे। इस दौरान ‘नारे तकबीर अल्लाह-हु-अकबर’ के नारे लगाए गए। खेल मैदान में गाड़ी में बैठने से पहले, सभी उपस्थित लोगों ने गाजी अंसारी की सलामती और यात्रा को सुरक्षित पूरा करने की कामना की। स्थानीय लोगों के अनुसार, अखौरी मुहल्ला निवासी मरहूम शफी अंसारी के पुत्र गाजी अंसारी ने अपने सभी पारिवारिक दायित्वों को पूरा करने के बाद यह यात्रा तय की है। वह वर्ष 2004 में लघु सिंचाई विभाग में क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी गुलशन बीबी का निधन हो चुका है। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं, जिनकी शादी और अन्य जिम्मेदारियां उन्होंने पूरी कर ली हैं। गाजी अंसारी सोमवार रात को आरा रेलवे स्टेशन से संपूर्ण क्रांति ट्रेन द्वारा दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। वे 9 मई को दिल्ली से मक्का-मदीना के काबा शरीफ के लिए उड़ान भरेंगे। रवानगी के अवसर पर गाजी अंसारी ने कहा कि वे काबा शरीफ में देश और वतन की सलामती तथा समृद्धि के लिए दुआ मांगेंगे। इस अवसर पर उनके पुत्र अख्तर शमीम उर्फ चांद बाबू, मो. शमी, हाफिज रिजवान फैजी, डॉ. इम्तियाज खान, मुस्तफा इद्रीसी, प्रोफेसर ताजुद्दीन मंसूरी, शिक्षक जाकिर अंसारी, साबिर अली, अब्दुल रसीद अंसारी, सलीम अंसारी, रुस्तम अली, धीरज चौधरी, मो. अनस, ईशा अंसारी, सरफराज वारसी, मुराद वारसी, शरीफ वारसी, मोहम्मद अनस समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे। जगदीशपुर के अखौरी मुहल्ला निवासी 76 वर्षीय मोहम्मद गाजी अंसारी सोमवार को हज यात्रा पर रवाना हुए। इस अवसर पर सैकड़ों अकीदतमंदों ने उन्हें विदाई दी। रवानगी से पूर्व मंगरी चौक स्थित बड़ी मस्जिद में एक जलसा आयोजित किया गया। इसमें अकीदतमंदों ने गाजी अंसारी को फूल-मालाएं पहनाकर उनकी सफल हज यात्रा के लिए दुआएं मांगीं। जलसे के बाद, गाजी अंसारी बड़ी मस्जिद से सदर बाजार चौरास्ता और कोतवाली होते हुए सवारथ साहू खेल मैदान तक सैकड़ों लोगों के साथ पहुंचे। इस दौरान ‘नारे तकबीर अल्लाह-हु-अकबर’ के नारे लगाए गए। खेल मैदान में गाड़ी में बैठने से पहले, सभी उपस्थित लोगों ने गाजी अंसारी की सलामती और यात्रा को सुरक्षित पूरा करने की कामना की। स्थानीय लोगों के अनुसार, अखौरी मुहल्ला निवासी मरहूम शफी अंसारी के पुत्र गाजी अंसारी ने अपने सभी पारिवारिक दायित्वों को पूरा करने के बाद यह यात्रा तय की है। वह वर्ष 2004 में लघु सिंचाई विभाग में क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी गुलशन बीबी का निधन हो चुका है। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं, जिनकी शादी और अन्य जिम्मेदारियां उन्होंने पूरी कर ली हैं। गाजी अंसारी सोमवार रात को आरा रेलवे स्टेशन से संपूर्ण क्रांति ट्रेन द्वारा दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। वे 9 मई को दिल्ली से मक्का-मदीना के काबा शरीफ के लिए उड़ान भरेंगे। रवानगी के अवसर पर गाजी अंसारी ने कहा कि वे काबा शरीफ में देश और वतन की सलामती तथा समृद्धि के लिए दुआ मांगेंगे। इस अवसर पर उनके पुत्र अख्तर शमीम उर्फ चांद बाबू, मो. शमी, हाफिज रिजवान फैजी, डॉ. इम्तियाज खान, मुस्तफा इद्रीसी, प्रोफेसर ताजुद्दीन मंसूरी, शिक्षक जाकिर अंसारी, साबिर अली, अब्दुल रसीद अंसारी, सलीम अंसारी, रुस्तम अली, धीरज चौधरी, मो. अनस, ईशा अंसारी, सरफराज वारसी, मुराद वारसी, शरीफ वारसी, मोहम्मद अनस समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।  

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