गलत तरीके से पानी पीना पड़ सकता है भारी,एक्सपर्ट्स बोले पानी पियो नहीं खाओ! जानें घूंट-घूंट कर पानी पीना क्यों है जरूरी

गलत तरीके से पानी पीना पड़ सकता है भारी,एक्सपर्ट्स बोले पानी पियो नहीं खाओ! जानें घूंट-घूंट कर पानी पीना क्यों है जरूरी

Right Way to Drink Water: पानी ही जीवन है, ये बात तो हम बचपन से सुनते आ रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि गलत तरीके से पानी पीना आपकी सेहत बिगाड़ सकता है? आजकल कई हेल्थ एक्सपर्ट्स और आयुर्वेद की रिपोर्ट्स यह कह रही हैं कि हमें पानी पीना नहीं चाहिए बल्कि खाना चाहिए। इसका मतलब है कि पानी को मुंह में कुछ सेकंड रखकर, उसे लार (saliva) के साथ मिलाकर धीरे-धीरे अंदर उतारना चाहिए। अगर आप भी खड़े होकर या एक बार में पूरा गिलास गटक जाते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए एक बड़ी चेतावनी है।

मुंह की लार (Saliva) है असली दवा

हमारे मुंह में बनने वाली लार ‘अल्कलाइन’ (Alkaline) होती है, जबकि हमारे पेट में एसिड बनता है। जब हम पानी को मुंह में घुमाकर धीरे-धीरे पीते हैं, तो लार पानी के साथ मिलकर पेट में जाती है और एसिड को शांत करती है। एक बार में पानी गटकने से लार पेट तक नहीं पहुंच पाती, जिससे एसिडिटी और अपच की समस्या बढ़ जाती है।

किडनी पर बढ़ता है बोझ

जब हम एक साथ बहुत सारा पानी पी लेते हैं, तो किडनी को उसे फिल्टर करने के लिए बहुत तेजी से काम करना पड़ता है। इससे किडनी पर प्रेशर पड़ता है। अगर आप घूंट-घूंट करके पानी पिएंगे, तो शरीर उसे बेहतर तरीके से सोख पाएगा और किडनी भी सुरक्षित रहेगी।

जोड़ों के दर्द की बड़ी वजह

अक्सर बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खड़े होकर या तेजी से पानी पीने से शरीर के नसों में तनाव बढ़ता है और फ्लूइड का बैलेंस बिगड़ जाता है, जो आगे चलकर घुटनों और जोड़ों में दर्द का कारण बनता है।

प्यास बुझती है, पेट नहीं भरता

जब आप पानी को धीरे-धीरे खाते यानी पीते हैं, तो आपके दिमाग को संकेत मिलता है कि शरीर को हाइड्रेशन मिल रहा है। इससे आप जरूरत से ज्यादा पानी पीने से बच जाते हैं और आपका डाइजेशन भी दुरुस्त रहता है।

पानी पीने का सही तरीका क्या है?

  • हमेशा आराम से बैठकर ही पानी पिएं।
  • एक घूंट लें, उसे मुँह में घुमाएं और फिर धीरे से निगलें।
  • बहुत ज्यादा ठंडा या बर्फ वाला पानी पीने से बचें।
  • सुबह उठते ही बासी मुंह घूंट-घूंट पानी पीना अमृत के समान है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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