नवादा में हाथी के हमले से बुजुर्ग की मौत:टॉयलेट करने गया था घर से बाहर, वन विभाग पर रेस्क्यू न करने का आरोप

नवादा में हाथी के हमले से बुजुर्ग की मौत:टॉयलेट करने गया था घर से बाहर, वन विभाग पर रेस्क्यू न करने का आरोप

नवादा में शनिवार की सुबह हाथी के हमले से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ले की है। मृतक की पहचान बच्चू राम(60) के रूप में हुई है। वो सुबह पेशाब करने के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान पीछे से आए एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें उठाकर पटका और उनके सीने व चेहरे सहित शरीर के कई हिस्सों पर वार किया। हाथी ने उनके घर में भी तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद वन विभाग के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। गोविंदपुर और रजौली क्षेत्रों में हाथियों के हमलों से अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। हाथियों को रेस्क्यू करने में विभाग नाकाम स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों द्वारा वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग के पास हाथियों को रेस्क्यू करने या उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए पर्याप्त ज्ञान या प्रशिक्षण नहीं है। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप वन विभाग के अधिकारी इस मामले पर पत्रकारों से बात करने से बच रहे हैं। वे केवल इतना बताते हैं कि हाथियों को भगा दिया जाता है, लेकिन वे फिर लौट आते हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग द्वारा हाथियों के लगातार हमलों को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण मौतों का सिलसिला जारी है। पूर्व में भी इन घटनाओं को लेकर सड़क जाम जैसे विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। लोग वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी कर चुके हैं, लेकिन यह वन विभाग जो है इनका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। नवादा में शनिवार की सुबह हाथी के हमले से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ले की है। मृतक की पहचान बच्चू राम(60) के रूप में हुई है। वो सुबह पेशाब करने के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान पीछे से आए एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें उठाकर पटका और उनके सीने व चेहरे सहित शरीर के कई हिस्सों पर वार किया। हाथी ने उनके घर में भी तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद वन विभाग के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। गोविंदपुर और रजौली क्षेत्रों में हाथियों के हमलों से अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। हाथियों को रेस्क्यू करने में विभाग नाकाम स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों द्वारा वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग के पास हाथियों को रेस्क्यू करने या उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए पर्याप्त ज्ञान या प्रशिक्षण नहीं है। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप वन विभाग के अधिकारी इस मामले पर पत्रकारों से बात करने से बच रहे हैं। वे केवल इतना बताते हैं कि हाथियों को भगा दिया जाता है, लेकिन वे फिर लौट आते हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग द्वारा हाथियों के लगातार हमलों को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण मौतों का सिलसिला जारी है। पूर्व में भी इन घटनाओं को लेकर सड़क जाम जैसे विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। लोग वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी कर चुके हैं, लेकिन यह वन विभाग जो है इनका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।  

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