Modeling Industry: फिल्मी जगत और मॉडल्स की चमक-दमक, लग्जरी लाइफ के पीछे क्या छुपा है ये सवाल हमेशा से हमारे मन में रहता है। बता दें, इंस्टाग्राम पर फाइव स्टार होटलों की फोटोज, बीएमडब्ल्यू और रेंज रोवर में घूमने के वीडियो और मुंबई के बांद्रा में महंगे फ्लैट इन सबको देखकर लगता है कि मॉडलिंग कितनी दमदार दुनिया है, लेकिन जाने-माने पत्रकार वाहिद अली खान ने हाल ही में इस चमकदार दुनिया के पीछे की एक बेहद अंधेरी और डरावनी सच्चाई उजागर की है।
लड़कियों का शूट से कोई लेना-देना नहीं होता
हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में वाहिद अली खान ने बताया कि इंडिया से लड़कियां दुबई जाती हैं, बिजनेस क्लास में उतरती हैं, लग्जरी गाड़ियों में घूमती हैं और फाइव स्टार होटलों में रुकती हैं, लेकिन जब उनसे पूछो तो कहती हैं कि “शूट पर जा रही हैं।” इस पर पत्रकार वाहिद अली खान ने साफ कहा है कि इन लड़कियों का शूट से कोई लेना-देना नहीं होता, वे सिर्फ 5 से 6 दिन वहां घूमकर वापस आ जाती हैं।
वाहिद अली खान ने आगे बताया कि ये वही लड़कियां हैं जिन्हें कभी मुंबई से कलकत्ता का टिकट कटाने के लिए भी सोचना पड़ता था। जिनके पास मुंबई में किराया देने के पैसे नहीं होते थे, वे आज बांद्रा में 3 BHK और 5 BHK फ्लैट में रह रही हैं। उन्होंने एक लड़की का उदाहरण देते हुए बताया कि कोविड के दौरान जब हजारों लोग मर रहे थे, वो चार्टर्ड प्लेन से दुबई और लंदन जा रही थी।
आलीशान जिंदगी की आदत लग जाए तो फिर वापस आना है मुश्किल
इतना ही नहीं, पत्रकार ने ये भी खुलासा किया कि दुबई और मुंबई की मॉडलिंग एजेंसियां लड़कियों को यहां से लेकर जाती हैं और उनका शोषण करती हैं। वहां उन्हें पार्टियों में बुलाया जाता है जहां टेबल बुक होती है और रौनक के लिए लड़कियों का यूज किया जाता है। कुछ एजेंसियां घंटों के हिसाब से चार्ज करती हैं। वाहिद ने ये बताया कि इस पूरे रैकेट में क्रिकेट बुकीज और कॉल सेंटर चलाने वाले लोग भी शामिल होते हैं। जब इंडिया के बुकीज दुबई गए तो ये सिलसिला और तेज हो गया।
असक अलावा, वाहिद ने कहा कि कई लड़कियां मजबूरी में इस रास्ते पर चलती हैं। वो एक बार आलीशान जिंदगी की आदत लग जाए तो फिर वापस आना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद लड़कियों को दोष देना नहीं बल्कि उन एजेंसियों की पोल खोलना है जो इस शोषण की मशीन को चलाती हैं। बता दें, ये खुलासा एक बार फिर याद दिलाता है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली चमक- दमक वाली जिंदगी के पीछे एक गहरा अंधेरा भी हो सकता है।


