गो संरक्षण केंद्र निर्माण में 1.5 करोड़ की अनियमितता:CDO के निरीक्षण में बाउंड्रीवाॅल मिली कमजोर, फर्श निर्माण में गड़बड़ी

गो संरक्षण केंद्र निर्माण में 1.5 करोड़ की अनियमितता:CDO के निरीक्षण में बाउंड्रीवाॅल मिली कमजोर, फर्श निर्माण में गड़बड़ी

अयोध्या जिले के मवई ब्लॉक के गनेशपुर स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने 14 फरवरी 2026 को निर्माणाधीन परियोजना का निरीक्षण किया था, जिसमें गुणवत्ता और मानकों की कई खामियां उजागर हुईं। निरीक्षण में सामने आया कि गोशाला की बाउंड्री वॉल के पिलर ठीक से स्थापित नहीं किए गए थे और फेंसिंग वायर ढीले थे, जिससे गोवंश के बाहर निकलने का खतरा था। शेड, गोदाम और कार्यालय के फर्श निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई। फर्श में गिट्टी और सीमेंट का उचित उपयोग किए बिना सीधे ईंटों पर सीमेंट की परत चढ़ा दी गई थी, जिससे गुणवत्ता बेहद कमजोर हो गई। परिसर में बने गेट के सामने भूसा घर और शेड के पास अत्यधिक ढलान भी पाया गया, जिससे गोवंश के आवागमन में कठिनाई हो सकती है। निरीक्षण के समय परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी रुदौली, पशु चिकित्सा अधिकारी बनी, अवर अभियंता और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद थे। निरीक्षण के बाद 16 फरवरी को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सख्त पत्र जारी किया था। हालांकि, इस गंभीर मामले में कार्रवाई के लिए लगभग दो महीने बाद राजकीय पशु चिकित्सा अधिकारी मवई ने बाबा बाजार थाने में प्रार्थना पत्र दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार आजाद ने बताया कि मामला अभी प्रारंभिक स्तर पर है और प्राप्त शिकायत की जांच की जा रही है। कार्रवाई में हुई देरी के कारणों पर फिलहाल कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। जिस समय वृहद गौशाला केंद्र का निर्माण शुरू हुआ था किसानों को उम्मीद थी कि यहां पर छुट्टे मवेशियों को रखा जाएगा और हम लोगों की फसल बच जाएगी लेकिन अभी तक गौशाला पर मवेशी संरक्षित करना शुरू नहीं हुए और भ्रष्टाचार का मामले सामने आ गया।

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