पूर्णिया में 2 घंटे तक आफत बनकर बरसी बारिश:आंधी-बारिश में बिजली के तार टूटे, पेड़ धराशाई; फसलों के नुकसान ने तोड़ी किसानों की कमर

पूर्णिया में 2 घंटे तक आफत बनकर बरसी बारिश:आंधी-बारिश में बिजली के तार टूटे, पेड़ धराशाई; फसलों के नुकसान ने तोड़ी किसानों की कमर

पूर्णिया में शुक्रवार रात 2 घंटे तक भारी बारिश हुई। आंधी, गरज और मूसलाधार बारिश की वजह से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलजमाव की समस्या पैदा हो गई। कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए। पेड़ आंधी और बारिश के आगे धराशाई हो गई। जगह-जगह पानी भर जाने से लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही आसमान बादलों से पूरी तरह ढके रहे। दिन भर तेज और ठंडी हवा बहती रही। बारिश से पहले तेज आंधी आई और बिजली का गरजना शुरू हो गया। कुछ ही देर में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। करीब रात 8 :30 बजे बारिश शुरू हुई, जो रात 11:45 तक आफत बनकर बरसती रही। इससे कई इलाकों में सड़क से लेकर गलियों तक बारिश का पानी भर गया। मक्के की फसल को नुकसान वहीं, आंधी, गर्जन और भारी बारिश को देखते हुए बिजली काट दी गई। आधी रात तक शहर अंधेरे में डूबा रहा। तेज आंधी के साथ आई भारी बारिश के चलते फसलों को भारी क्षति हुई है। मक्का, गेहूं और केले जैसी फसलों की क्षति ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान कार्तिक चौधरी ने बताया आंधी और बारिश से खेतों में लगी मक्के की फसल गिर गई है। कई जगह पानी भर जाने से फसल खराब हो गया है। यलो अलर्ट जारी किया गया था मौसम विभाग ने पहले ही इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया था। 29 अप्रैल को तराई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 30 अप्रैल को पूर्णिया के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले संभावित तेज बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट भी जारी किया गया था। करीब चार साल बाद प्री-मानसून इस तरह सक्रिय नजर आ रहा है। बारिश के चलते कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है और प्रशासन की टीमें हालात सामान्य करने में जुटी हुई हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि अब तक किसी बड़े हादसे या जनहानि की सूचना नहीं है। प्री-मानसून काफी एक्टिव है मौसम वैज्ञानिक राकेश कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की बड़ी भूमिका है, जिसका असर मई के शुरुआत में देखा जा सकता है। इस बार प्री-मानसून काफी एक्टिव है। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश की स्थिति बनी है। अगले कुछ घंटे तक मौसम ऐसा ही रह सकता है, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। पूर्णिया में शुक्रवार रात 2 घंटे तक भारी बारिश हुई। आंधी, गरज और मूसलाधार बारिश की वजह से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलजमाव की समस्या पैदा हो गई। कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए। पेड़ आंधी और बारिश के आगे धराशाई हो गई। जगह-जगह पानी भर जाने से लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही आसमान बादलों से पूरी तरह ढके रहे। दिन भर तेज और ठंडी हवा बहती रही। बारिश से पहले तेज आंधी आई और बिजली का गरजना शुरू हो गया। कुछ ही देर में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। करीब रात 8 :30 बजे बारिश शुरू हुई, जो रात 11:45 तक आफत बनकर बरसती रही। इससे कई इलाकों में सड़क से लेकर गलियों तक बारिश का पानी भर गया। मक्के की फसल को नुकसान वहीं, आंधी, गर्जन और भारी बारिश को देखते हुए बिजली काट दी गई। आधी रात तक शहर अंधेरे में डूबा रहा। तेज आंधी के साथ आई भारी बारिश के चलते फसलों को भारी क्षति हुई है। मक्का, गेहूं और केले जैसी फसलों की क्षति ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान कार्तिक चौधरी ने बताया आंधी और बारिश से खेतों में लगी मक्के की फसल गिर गई है। कई जगह पानी भर जाने से फसल खराब हो गया है। यलो अलर्ट जारी किया गया था मौसम विभाग ने पहले ही इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया था। 29 अप्रैल को तराई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 30 अप्रैल को पूर्णिया के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले संभावित तेज बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट भी जारी किया गया था। करीब चार साल बाद प्री-मानसून इस तरह सक्रिय नजर आ रहा है। बारिश के चलते कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है और प्रशासन की टीमें हालात सामान्य करने में जुटी हुई हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि अब तक किसी बड़े हादसे या जनहानि की सूचना नहीं है। प्री-मानसून काफी एक्टिव है मौसम वैज्ञानिक राकेश कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की बड़ी भूमिका है, जिसका असर मई के शुरुआत में देखा जा सकता है। इस बार प्री-मानसून काफी एक्टिव है। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश की स्थिति बनी है। अगले कुछ घंटे तक मौसम ऐसा ही रह सकता है, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।  

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