पांडव हत्याकांड को लेकर खगड़िया में हजारों लोगों का प्रदर्शन:हाईकोर्ट जज से की जांच की मांग, बोले-न्याय न मिलने पर दिल्ली में करेंगे आंदोलन

पांडव हत्याकांड को लेकर खगड़िया में हजारों लोगों का प्रदर्शन:हाईकोर्ट जज से की जांच की मांग, बोले-न्याय न मिलने पर दिल्ली में करेंगे आंदोलन

दिल्ली में खगड़िया के युवक पांडव कुमार की पुलिस कांस्टेबल द्वारा कथित हत्या के विरोध में गुरुवार को शहर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले की जांच पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात पर भी था कि दिल्ली पुलिस ने न केवल युवक की हत्या की, बल्कि परिवार को बिना बताए शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। कोशी कॉलेज से शुरू हुआ यह विरोध मार्च राजेंद्र चौक पर एक विशाल सभा में बदल गया, जहां हर दल के नेता और आम लोग एक मंच पर दिखे। लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था- ‘पांडव के हत्यारे को फांसी दो’, ‘एक करोड़ मुआवजा दो’, ‘दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद’। दिल्ली पुलिस ने शव को बनाया बंधक प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “पांडव की हत्या 26 अप्रैल की सुबह 2 बजे की गई, लेकिन परिवार को घंटों तक कोई सूचना नहीं दी गई। जब परिवार वाले पहुंचे तो उन्हें शव देखने तक नहीं दिया गया। दिल्ली पुलिस ने शव को घेरकर रखा और जल्दबाजी में पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार भी कर दिया। क्या बिहारी सिर्फ गोली खाने के लिए फर्स्ट रहेगा? सभा में राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे खगड़िया और बिहार के सम्मान की है। उन्होंने पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के बयान को संवेदनहीन बताया और चिराग पासवान पर तंज कसते हुए कहा, “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट का नारा दिया जाता है, तो क्या बिहारी सिर्फ लाठी और गोली खाने में ही फर्स्ट रहेगा?” ‘अगर बिहारी होना गुनाह है तो संविधान बदल दो’ सभा का संचालन कर रहे मुखिया कृष्णानंद यादव ने भावुक होते हुए सवाल किया, “क्या बिहारी होना गुनाह है?” उन्होंने कहा, “अगर ऐसा है तो संविधान में संशोधन कर दिया जाए कि कोई भी बिहारी अपने राज्य से बाहर काम करने नहीं जा सकता। आज बिहार के सम्मान पर हमला हुआ है, सभी नेताओं को एकजुट होना होगा।” न्याय नहीं मिला तो दिल्ली में होगा आंदोलन अभाविप नेता भारत सिंह जोशी ने चेतावनी दी कि अगर पांडव को जल्द न्याय नहीं मिला तो बिहार के छात्र और युवा दिल्ली कूच करेंगे और वहां एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। जदयू नेता नीतीश कुमार ने कहा, “यह गोली सिर्फ पांडव के सीने में नहीं, बल्कि पूरे बिहार के आत्मसम्मान पर चलाई गई है।” पप्पू यादव का जताया आभार वक्ताओं ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का आभार जताते हुए कहा कि अगर वे समय पर दिल्ली नहीं पहुंचते तो पुलिस शव को लावारिस घोषित कर देती। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दिए गए 8 लाख के मुआवजे पर धन्यवाद देते हुए सवाल उठाया कि आखिर कब तक बिहारी दूसरे राज्यों में मारे जाते रहेंगे और सरकारें मुआवजा बांटती रहेंगी? प्रदर्शन के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि न्याय मिलने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली में खगड़िया के युवक पांडव कुमार की पुलिस कांस्टेबल द्वारा कथित हत्या के विरोध में गुरुवार को शहर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले की जांच पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात पर भी था कि दिल्ली पुलिस ने न केवल युवक की हत्या की, बल्कि परिवार को बिना बताए शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। कोशी कॉलेज से शुरू हुआ यह विरोध मार्च राजेंद्र चौक पर एक विशाल सभा में बदल गया, जहां हर दल के नेता और आम लोग एक मंच पर दिखे। लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था- ‘पांडव के हत्यारे को फांसी दो’, ‘एक करोड़ मुआवजा दो’, ‘दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद’। दिल्ली पुलिस ने शव को बनाया बंधक प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “पांडव की हत्या 26 अप्रैल की सुबह 2 बजे की गई, लेकिन परिवार को घंटों तक कोई सूचना नहीं दी गई। जब परिवार वाले पहुंचे तो उन्हें शव देखने तक नहीं दिया गया। दिल्ली पुलिस ने शव को घेरकर रखा और जल्दबाजी में पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार भी कर दिया। क्या बिहारी सिर्फ गोली खाने के लिए फर्स्ट रहेगा? सभा में राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे खगड़िया और बिहार के सम्मान की है। उन्होंने पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के बयान को संवेदनहीन बताया और चिराग पासवान पर तंज कसते हुए कहा, “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट का नारा दिया जाता है, तो क्या बिहारी सिर्फ लाठी और गोली खाने में ही फर्स्ट रहेगा?” ‘अगर बिहारी होना गुनाह है तो संविधान बदल दो’ सभा का संचालन कर रहे मुखिया कृष्णानंद यादव ने भावुक होते हुए सवाल किया, “क्या बिहारी होना गुनाह है?” उन्होंने कहा, “अगर ऐसा है तो संविधान में संशोधन कर दिया जाए कि कोई भी बिहारी अपने राज्य से बाहर काम करने नहीं जा सकता। आज बिहार के सम्मान पर हमला हुआ है, सभी नेताओं को एकजुट होना होगा।” न्याय नहीं मिला तो दिल्ली में होगा आंदोलन अभाविप नेता भारत सिंह जोशी ने चेतावनी दी कि अगर पांडव को जल्द न्याय नहीं मिला तो बिहार के छात्र और युवा दिल्ली कूच करेंगे और वहां एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। जदयू नेता नीतीश कुमार ने कहा, “यह गोली सिर्फ पांडव के सीने में नहीं, बल्कि पूरे बिहार के आत्मसम्मान पर चलाई गई है।” पप्पू यादव का जताया आभार वक्ताओं ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का आभार जताते हुए कहा कि अगर वे समय पर दिल्ली नहीं पहुंचते तो पुलिस शव को लावारिस घोषित कर देती। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दिए गए 8 लाख के मुआवजे पर धन्यवाद देते हुए सवाल उठाया कि आखिर कब तक बिहारी दूसरे राज्यों में मारे जाते रहेंगे और सरकारें मुआवजा बांटती रहेंगी? प्रदर्शन के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि न्याय मिलने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।  

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