गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है कल 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) उमेश कुमार भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। यह निलंबन बभनजोत के बीडीओ और गोंडा की सीडीओ अंकिता जैन की रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। उमेश कुमार भारती को कल एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल थाने की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। ग्राम विकास अधिकारी उमेश कुमार भारती को बभनजोत ब्लॉक परिसर से जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ गोंडा के मनकापुर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल थाने की पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। दरअसल, खोण्डारे विकासखंड बभनजोत के कोल्हीगरीब निवासी अजमल पुत्र मोहम्मद अख्तर ने गोंडा एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। 3 तस्वीरें देखिए… उन्होंने बताया था कि उनके मित्र अजहरुद्दीन के तीन बच्चों – महमुदुद्दीन, समसू निशा खान और फरहीन खान -के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार भारती लगातार 10,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत न देने पर वे प्रमाण पत्र नहीं बना रहे थे, जिससे उन्हें काफी दिक्कत हो रही थी। इसी शिकायत के आधार पर कल गोंडा देवीपाटन एंटी करप्शन प्रभारी धनंजय सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी कर उमेश कुमार भारती को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तत्काल एंटी करप्शन टीम को शिकायत करें ताकि उनके खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की जा सके।


