अडाणी पोर्ट्स का मुनाफा 10% बढ़ा:चौथी तिमाही में यह ₹3,329 करोड़ रहा, रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹10,737 करोड़ हुआ; शेयर होल्डर्स को ₹7.50 डिविडेंड मिलेगा

अडाणी पोर्ट्स का मुनाफा 10% बढ़ा:चौथी तिमाही में यह ₹3,329 करोड़ रहा, रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹10,737 करोड़ हुआ; शेयर होल्डर्स को ₹7.50 डिविडेंड मिलेगा

देश की सबसे बड़ी पोर्ट ऑपरेटर कंपनी अडाणी पोर्ट्स ने 30 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर 3,329 करोड़ रुपए रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹3,014 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 26% की बढ़त के साथ ₹10,737 करोड़ पर पहुंच गया है। नतीजों के साथ ही अडाणी पोर्ट्स के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹7.50 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके लिए शुक्रवार, 12 जून को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है। FY26 की चौथी तिमाही में अडाणी पोर्ट्स का प्रदर्शन सालाना आधार पर तिमाही आधार पर सालभर में मुनाफा 16% बढ़ा, रेवेन्यू ₹38,736 करोड़ रहा पूरे वित्त वर्ष (FY26) में कंपनी का नेट प्रॉफिट में 16% बढ़ा है। यह पिछले साल के ₹11,061 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹12,782 करोड़ हो गया है। वहीं, सालाना रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹38,736 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA भी 20% बढ़कर ₹22,851 करोड़ पर पहुंच गया है। पूरे साल (FY26) में अडाणी पोर्ट्स का प्रदर्शन 500 MMT कार्गो हैंडल करने वाली पहली भारतीय ऑपरेटर कंपनी ने बताया कि वह एक साल में 500 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) से ज्यादा पोर्ट कार्गो वॉल्यूम हैंडल करने वाली पहली भारतीय इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर बन गई है। APSEZ ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने सभी लक्ष्यों (गाइडेंस) को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी ने ₹38,000 करोड़ रेवेन्यू, ₹22,800 करोड़ EBITDA और ₹11,000-12,000 करोड़ के कैपेक्स का लक्ष्य रखा था। लॉजिस्टिक्स और मरीन बिजनेस में उछाल ऑस्ट्रेलिया के NQXT पोर्ट और कोलंबो (CWIT) पोर्ट के कामकाज में तेजी आने से इंटरनेशनल पोर्ट्स का रेवेन्यू 34% बढ़ा है। इस सेगमेंट का EBITDA 180% बढ़ गया है और EBITDA मार्जिन 29% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी के पास फिलहाल 136 जहाजों की फ्लीट है। 2030 तक रेवेन्यू दोगुना करने का लक्ष्य: सीईओ अडाणी पोर्ट के सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल और टैरिफ अनिश्चितता के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने एक बिलियन टन पोर्ट कार्गो हैंडल करने का लक्ष्य रखा है। गुप्ता के मुताबिक, अडाणी पोर्ट्स ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है जिससे वित्त वर्ष 2030-31 तक रेवेन्यू और EBITDA को दोगुना किया जा सकेगा। भविष्य का विस्तार और कैपेक्स कंपनी अपनी आंतरिक कमाई से ही पूरा करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *