मोतिहारी में बीती रात आई तेज आंधी और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। जिलेभर में जगह-जगह पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गईं, बिजली आपूर्ति बाधित हुई और कई लोग घायल हो गए। केसरिया थाना क्षेत्र के लचका पुल के पास एक विशाल पेड़ गिरने से चकिया-केसरिया मुख्य मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। इसी तरह, कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बहुआरा चौक पर भी पेड़ गिरने से बहुआरा से नारायणपुर जाने वाली सड़क बाधित हुई। सुबह तक रास्ता साफ होने की उम्मीद
दोनों थाना प्रभारियों ने बताया कि पेड़ों को हटाने के लिए जेसीबी को सूचित कर दिया गया है और सुबह तक रास्ता साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल, छोटे वाहन किसी तरह निकल पा रहे हैं, जबकि बड़े वाहनों को रोक दिया गया है। आंधी के कारण हुए हादसों में एक कार, चार सब्जी विक्रेताओं के ठेले और एक मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई। इन घटनाओं में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, केसरिया क्षेत्र में लगभग 200 साल पुराना एक बरगद का पेड़ भी तेज आंधी में धराशायी हो गया। इस पेड़ के नीचे गणेश, शिव, पार्वती और हनुमान जी की प्राचीन मूर्तियों वाला एक मंदिर स्थित था, जो पेड़ गिरने से पूरी तरह ध्वस्त हो गया। कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए
सुगौली क्षेत्र में भी आंधी और बारिश का व्यापक असर देखा गया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। भटहा गांव में वीरेन्द्र सहनी के घर पर एक विशाल बरगद का पेड़ गिर गया, जिससे उनका घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल गए, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। तेज आंधी का असर किसानों पर भी पड़ा है। विशेष रूप से मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान चिंतित हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी”। मोतिहारी में बीती रात आई तेज आंधी और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। जिलेभर में जगह-जगह पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गईं, बिजली आपूर्ति बाधित हुई और कई लोग घायल हो गए। केसरिया थाना क्षेत्र के लचका पुल के पास एक विशाल पेड़ गिरने से चकिया-केसरिया मुख्य मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। इसी तरह, कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बहुआरा चौक पर भी पेड़ गिरने से बहुआरा से नारायणपुर जाने वाली सड़क बाधित हुई। सुबह तक रास्ता साफ होने की उम्मीद
दोनों थाना प्रभारियों ने बताया कि पेड़ों को हटाने के लिए जेसीबी को सूचित कर दिया गया है और सुबह तक रास्ता साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल, छोटे वाहन किसी तरह निकल पा रहे हैं, जबकि बड़े वाहनों को रोक दिया गया है। आंधी के कारण हुए हादसों में एक कार, चार सब्जी विक्रेताओं के ठेले और एक मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई। इन घटनाओं में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, केसरिया क्षेत्र में लगभग 200 साल पुराना एक बरगद का पेड़ भी तेज आंधी में धराशायी हो गया। इस पेड़ के नीचे गणेश, शिव, पार्वती और हनुमान जी की प्राचीन मूर्तियों वाला एक मंदिर स्थित था, जो पेड़ गिरने से पूरी तरह ध्वस्त हो गया। कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए
सुगौली क्षेत्र में भी आंधी और बारिश का व्यापक असर देखा गया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। भटहा गांव में वीरेन्द्र सहनी के घर पर एक विशाल बरगद का पेड़ गिर गया, जिससे उनका घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल गए, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। तेज आंधी का असर किसानों पर भी पड़ा है। विशेष रूप से मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान चिंतित हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी”।


