राजधानी में आज अस्थायी, ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा बड़ा आंदोलन किया जाएगा। नीलम पार्क में कर्मचारी सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी के साथ प्रदर्शन करेंगे और सरकार के सामने अपनी मांगें रखेंगे। यह आंदोलन सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी 12,425 से 16,769 रुपए प्रतिमाह लागू करने और इसे बढ़ाकर 26 हजार रुपए करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार के तय मानकों के विपरीत राज्य में कई विभागों में 3 से 5 हजार रुपए प्रतिमाह पर काम कराया जा रहा है, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है। सुबह 11 बजे के बाद रैली के साथ आंदोलन शुरू होगा, जिसमें प्रदेशभर से आए कर्मचारी शामिल होंगे। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कई विभागों में बेहद कम वेतन का आरोप कर्मचारियों का कहना है कि विभिन्न विभागों में कार्यरत श्रमिकों को न्यूनतम वेतन से भी कम भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों, पावर प्लांट और सीमेंट उद्योगों में भी ठेका श्रमिकों को पूरी न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। सरकार से गारंटी और स्थायी समाधान की मांग अस्थायी, आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों ने अब तक 50 हजार से अधिक आवेदन देकर अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाई हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को जमीन पर लागू करते हैं, लेकिन खुद ही न्यूनतम वेतन और स्थायी नौकरी से वंचित हैं। कर्मचारियों ने सरकार से न्यूनतम वेतन की गारंटी देने, इसे बढ़ाकर 26 हजार रुपए करने और आउटसोर्स व्यवस्था की समीक्षा कर स्थायी रोजगार देने की मांग की है।


