हाथरस के घंटाघर स्थित श्री गोविंद भगवान विराजमान मंदिर परिसर में वार्ष्णेय समाज की एक आम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मंदिर अध्यक्ष का चुनाव करना था। इसमें मुकुल आनंद को आगामी तीन वर्ष के लिए निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष पद के लिए मुकुल आनंद के साथ हेमंत वार्ष्णेय, डॉ. राहुल वाष्र्णेय और प्रियांक वाष्र्णेय ने दावेदारी प्रस्तुत की थी। हालांकि, आपसी सहमति और समाज की एकजुटता दिखाते हुए अन्य सभी दावेदारों ने मुकुल आनंद वाष्र्णेय के पक्ष में अपने नाम वापस ले लिए। इसी बैठक के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी कन्हैया वाष्र्णेय (तेल वाले) ने मंदिर के संरक्षक पद से अपना त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद इस अवसर पर राजीव वाष्र्णेय एडवोकेट, लक्ष्मी कांत सर्राफ, ओमप्रकाश सर्राफ, कैलाश चंद वाष्र्णेय, रंजीत वाष्र्णेय एडवोकेट, अतुल चौधरी और शैलेन्द्र सर्राफ सहित वाष्र्णेय समाज के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और युवा उपस्थित रहे। सभी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बधाई दी और मंदिर के विकास तथा समाज सेवा में सहयोग का संकल्प दोहराया।


