बक्सर के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियांव गांव में एक युवती का सड़ा-गला शव उसके घर के कमरे से बरामद हुआ है। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे मिली अनुषा कुमारी (27) की लाश अर्धनग्न अवस्था में थी। शव की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत चार से पांच दिन पहले हुई थी। मृतका की पहचान गौरीशंकर राम की पुत्री अनुषा कुमारी के रूप में हुई है। वह अपनी मां शांति देवी के साथ गांव में रहती थी। उसके पिता मध्य प्रदेश के भोपाल में सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अनुषा पहले भोपाल में एक निजी कंपनी में काम करती थी, लेकिन कुछ समय से मानसिक अवसाद के कारण उसने नौकरी छोड़ दी थी और गांव में रह रही थी। कारपेंटर को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया घटना का खुलासा तब हुआ जब अनुषा की मां शांति देवी मंगलवार को मुंबई से लौटीं। उन्होंने बताया कि वह 14 अप्रैल को मुंबई में अपने अन्य बच्चों के पास गई थीं और अनुषा ने गांव में अकेले रहने की बात कही थी। 16 और 17 अप्रैल के बाद से अनुषा का फोन लगातार बंद आ रहा था, जिससे परिजनों को चिंता हो रही थी। घर लौटने पर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला और तेज दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद कारपेंटर को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया, जहां अनुषा का शव संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। SDPO पोलस्त कुमार भी मौके पर पहुंचे सूचना मिलते ही कृष्णाब्रह्म थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीपीओ पोलस्त कुमार भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। वहीं, मृतका की मां ने फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल है, जबकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है। बक्सर के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियांव गांव में एक युवती का सड़ा-गला शव उसके घर के कमरे से बरामद हुआ है। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे मिली अनुषा कुमारी (27) की लाश अर्धनग्न अवस्था में थी। शव की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत चार से पांच दिन पहले हुई थी। मृतका की पहचान गौरीशंकर राम की पुत्री अनुषा कुमारी के रूप में हुई है। वह अपनी मां शांति देवी के साथ गांव में रहती थी। उसके पिता मध्य प्रदेश के भोपाल में सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अनुषा पहले भोपाल में एक निजी कंपनी में काम करती थी, लेकिन कुछ समय से मानसिक अवसाद के कारण उसने नौकरी छोड़ दी थी और गांव में रह रही थी। कारपेंटर को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया घटना का खुलासा तब हुआ जब अनुषा की मां शांति देवी मंगलवार को मुंबई से लौटीं। उन्होंने बताया कि वह 14 अप्रैल को मुंबई में अपने अन्य बच्चों के पास गई थीं और अनुषा ने गांव में अकेले रहने की बात कही थी। 16 और 17 अप्रैल के बाद से अनुषा का फोन लगातार बंद आ रहा था, जिससे परिजनों को चिंता हो रही थी। घर लौटने पर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला और तेज दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद कारपेंटर को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया, जहां अनुषा का शव संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। SDPO पोलस्त कुमार भी मौके पर पहुंचे सूचना मिलते ही कृष्णाब्रह्म थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीपीओ पोलस्त कुमार भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। वहीं, मृतका की मां ने फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल है, जबकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है।


