हजारीबाग मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल स्थित दंदाहा नदी से सोमवार को तीन शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में दो युवती वशिफा नाज उर्फ खुशी, सानिया परवीन और एक युवक आदिल हुसैन शामिल हैं। तीनों आपस में मौसेरे भाई-बहन थे। परिजनों ने तीनों की हत्या की आशंका जाहिर की है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दरअसल, तीनों युवक-युवतियां 23 अप्रैल से लापता थे। गुमशुदगी का दिया गया था आवेदन
परिजनों द्वारा उनकी गुमशुदगी को लेकर मुफस्सिल थाना में आवेदन भी दिया गया था। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था, जिसके बाद सोमवार को अचानक दंदाहा नदी में तीनों के शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने इस पूरे मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह मामला साधारण नहीं है और तीनों की मौत के पीछे साजिश हो सकती है। इधर, सदर अनुमंडल क्षेत्र के एसडीपीओ अमित आनंद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। इलाके में दहशत और तनाव का माहौल
प्रारंभिक तौर पर सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। एसडीपीओ का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं। हजारीबाग मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल स्थित दंदाहा नदी से सोमवार को तीन शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में दो युवती वशिफा नाज उर्फ खुशी, सानिया परवीन और एक युवक आदिल हुसैन शामिल हैं। तीनों आपस में मौसेरे भाई-बहन थे। परिजनों ने तीनों की हत्या की आशंका जाहिर की है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दरअसल, तीनों युवक-युवतियां 23 अप्रैल से लापता थे। गुमशुदगी का दिया गया था आवेदन
परिजनों द्वारा उनकी गुमशुदगी को लेकर मुफस्सिल थाना में आवेदन भी दिया गया था। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था, जिसके बाद सोमवार को अचानक दंदाहा नदी में तीनों के शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने इस पूरे मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह मामला साधारण नहीं है और तीनों की मौत के पीछे साजिश हो सकती है। इधर, सदर अनुमंडल क्षेत्र के एसडीपीओ अमित आनंद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। इलाके में दहशत और तनाव का माहौल
प्रारंभिक तौर पर सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। एसडीपीओ का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।


