मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के अयाचीग्राम में रविवार रात हुई गोलीकांड का पुलिस ने 5 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, लेकिन पुलिस ने उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और अन्य सामान भी बरामद किया है। गोलीकांड में घायल 36 साल के अनिल कुमार सिंह का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने अनिल कुमार सिंह को खतरे से बाहर बताया है। ये घटना तब हुई जब अनिल कुमार सिंह भोज खाकर लौट रहे थे और मोहल्ले में कुछ लोगों के बीच विवाद हो रहा था। उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान पड़ोसी राजीव कुमार उर्फ फौजी ने छत से फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली अनिल के गर्दन के पास जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्य आरोपी के घर से गोली का खोखा, जिंदा कारतूस, तलवार बरामद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एसडीपीओ नगर-2 बिनीता सिन्हा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी राजीव कुमार के घर पर छापेमारी की, लेकिन वह फरार मिला। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 6 जिंदा कारतूस, 44 खोखा, एक मैगजीन, दो गोली के अग्रभाग, 350 मिली विदेशी शराब, एक मोबाइल, डीवीआर बॉक्स और एक लोहे की तलवार बरामद की है। बरामद अवैध कारतूस के संबंध में एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला ने आरोपी को भगाने में मदद की, पुलिस ने किया गिरफ्तार बाद में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपनी बहन के घर में छिपा हुआ है। जब पुलिस वहां पहुंची, तो आरोपी की बहन रानी देवी ने उसे भगाने में सहयोग किया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। इस पर पुलिस ने रानी देवी को गिरफ्तार कर लिया। अन्य मामलों में भी एफआईआर
इस घटना से जुड़े आपसी विवाद, पत्थरबाजी और मारपीट के मामले में किरण कुमारी (पत्नी राजीव कुमार) के आवेदन पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के अयाचीग्राम में रविवार रात हुई गोलीकांड का पुलिस ने 5 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, लेकिन पुलिस ने उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और अन्य सामान भी बरामद किया है। गोलीकांड में घायल 36 साल के अनिल कुमार सिंह का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने अनिल कुमार सिंह को खतरे से बाहर बताया है। ये घटना तब हुई जब अनिल कुमार सिंह भोज खाकर लौट रहे थे और मोहल्ले में कुछ लोगों के बीच विवाद हो रहा था। उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान पड़ोसी राजीव कुमार उर्फ फौजी ने छत से फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली अनिल के गर्दन के पास जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्य आरोपी के घर से गोली का खोखा, जिंदा कारतूस, तलवार बरामद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एसडीपीओ नगर-2 बिनीता सिन्हा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी राजीव कुमार के घर पर छापेमारी की, लेकिन वह फरार मिला। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 6 जिंदा कारतूस, 44 खोखा, एक मैगजीन, दो गोली के अग्रभाग, 350 मिली विदेशी शराब, एक मोबाइल, डीवीआर बॉक्स और एक लोहे की तलवार बरामद की है। बरामद अवैध कारतूस के संबंध में एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला ने आरोपी को भगाने में मदद की, पुलिस ने किया गिरफ्तार बाद में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपनी बहन के घर में छिपा हुआ है। जब पुलिस वहां पहुंची, तो आरोपी की बहन रानी देवी ने उसे भगाने में सहयोग किया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। इस पर पुलिस ने रानी देवी को गिरफ्तार कर लिया। अन्य मामलों में भी एफआईआर
इस घटना से जुड़े आपसी विवाद, पत्थरबाजी और मारपीट के मामले में किरण कुमारी (पत्नी राजीव कुमार) के आवेदन पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।


