BCCI told to delay Vaibhav Sooryavanshi debut: IPL में वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन के बीच भारतीय मैनेजमेंट से गुजारिश की गई है कि वे उनके डेब्यू में देरी करें और उन्हें ब्रायन लारा जैसा डेब्यू दें।
वैभव सूर्यवंशी के जबरदस्त प्रदर्शन को देखते हुए उनके भारतीय टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू की मांग तेज हो गई है। जिस तरह कई पूर्व क्रिकेटरों ने जल्द उन्हें टीम इंडिया में शामिल करने की मांग उठाई है, उसे चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और बाकी चयनकर्ताओं के लिए नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि आईपीएल खत्म होने के बाद आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उनका डेब्यू हो सकता है। लेकिन, इसी बीच वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर कार्लोस ब्रैथवेट ने माफी मांगते हुए बीसीसीआई से कहा है कि सूर्यवंशी का अभी डेब्यू नहीं कराएं। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा आइये आपको भी बताते हैं।
वैभव ने शनिवार को आईपीएल 2026 के मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 36 गेंदों में शतक जड़ दिया, जिसके बाद अब पैट कमिंस भी उनके फैन बन गए हैं। एसआरएच के कप्तान ने इस युवा खिलाड़ी की जमकर तारीफ की और कहा कि सूर्यवंशी उनके नए फेवरेट खिलाड़ी बन गए हैं।
‘ब्रायन लारा जैसा डेब्यू दें’
कुछ पूर्व दिग्गज चाहते हैं कि वैभव सबसे कम उम्र में डेब्यू करें। वहीं, कार्लोस ब्रैथवेट ने ईएसपीएनक्रिकइंफो के शो पर कहा कि मैं माफी चाहता हूं, वैभव, लेकिन अगर आप देखें कि वेस्टइंडीज ने ब्रायन लारा को कैसे संभाला था। वह एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला टैलेंट थे, यह हर कोई जानता था। तो वेस्टइंडीज ने क्या किया?
उन्होंने उन्हें विव रिचर्ड्स और दूसरे बड़े खिलाड़ियों के साथ रखा, लेकिन उन्होंने तुरंत इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला। वह एक अलग जमाना था, जब बहुत सारे टूर मैच होते थे और उन्होंने अपना डेब्यू किए बिना ही सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलकर अनुभव हासिल किया। फिर हम जानते हैं कि डेब्यू करने के बाद उनका करियर कैसा रहा।
उन्होंने आगे कहा कि शायद दोनों दुनियाओं का सबसे अच्छा मेल यहीं है, जहां आप उन्हें भारतीय टीम के साथ रख सकते हैं। विराट कोहली से सीख सकते हैं, रोहित शर्मा से सीख सकते हैं, सूर्यकुमार यादव से सीख सकते हैं। वहां कुछ युवा खिलाड़ी भी हैं, जो उम्र में उनके करीब हैं, जिनसे वह सीख सकते हैं, बजाय इसके कि उन्हें सीधे ही मुश्किल हालात में डाल दिया जाए।
‘पूरी दुनिया उसके कदमों में’
उन्होंने आगे कहा कि जब मैं 15 साल का था तो मुझे अभी भी मम्मी-पापा से डांट पड़ती थी। वह दुनिया के बुमराह जैसे बड़े खिलाड़ियों और अपने काम में माहिर बेहतरीन खिलाड़ियों की धुनाई कर रहा है। सच कहूं तो आईपीएल का असली मकसद भी यही है। आपके पास 1.8 अरब लोग हैं और आप फिर भी 15 साल के किसी ऐसे सनसनीखेज खिलाड़ी को खोज सकते हैं, जो शायद अगले साल इस लीग का चेहरा बन जाए।
पूरी दुनिया उसके कदमों में है और यह वह मंच है, जो इंडियन प्रीमियर लीग उसे दे सकता है। वह सचमुच कमाल का इंसान है। मुझे नहीं लगता कि शब्दों में उसकी तारीफ हो सकती है। आप बस जो देख रहे हैं, उस पर हैरान हों और इस बात का मजा लें कि वह यहां है।
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