गयाजी की धरती पर 6 दिनों तक खेल, संस्कृति और रोजगार का अनोखा संगम दिखा। शनिवार को ‘सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव’ का समापन हुआ। मैदान में प्रतिभा, मंच पर उत्साह और चेहरों पर आत्मविश्वास साफ दिखा। देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में खिलाड़ी भी मेडल और ट्रॉफी पाकर उत्साहित नजर आए। इस महोत्सव की खास बात यह थी कि बिना किसी फीस के ही स्कूल के बच्चों को इंट्री दी गई थी। गांव से लेकर शहर तक के युवाओं को खुला मंच मिला। यही वजह रही कि 10 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर जमकर खिलाड़ियों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। करीब 3 हजार खिलाड़ियों का चयन 13 अलग-अलग खेलों के लिए किया गया। क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी से लेकर एथलेटिक्स तक हर खेल में बच्चों ने दमदार प्रदर्शन किया। चयनित खिलाड़ियों में ग्रामीण इलाकों के युवाओं की संख्या भी अच्छी रही। उद्यमियों, कारीगरों और स्टार्टअप्स को मंच समापन समारोह के दौरान मंच से एक बड़ी घोषणा भी हुई। दावा किया गया कि सांसद जन उद्यम खेल के तहत 20 हजार खेल किट्स बांटे जाएंगे। पंचायत से लेकर विधानसभा स्तर तक खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलेगा। इसका सीधा असर गांवों में दिखेगा, जहां संसाधनों की कमी अक्सर प्रतिभा के आड़े आती है। महोत्सव का दूसरा बड़ा आकर्षण रहा MSME मीट। यहां स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और स्टार्टअप्स को मंच मिला। खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण के दौरान एक और बड़ा संकेत मिला। दिसंबर-जनवरी में इससे भी बड़े टूर्नामेंट की तैयारी शुरू होगी।
बच्चों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष हरि प्रपन्न ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश भर में खेलो इंडिया की शुरुआत की है। इसका असर नेशनल और इंटरनेशल स्तर की प्रतियोगिताओं में देखने को मिला। प्रधानमंत्री का विजन है कि बड़ी संख्या में खिलाड़ी को मंच मिले और उनकी प्रतिभा निखरे। इसी के तहत यह सांसद जन उद्यम खेल का आयोजन किया गया। इस आयोजन में साफ दिख रहा है कि बड़ी संख्या में बच्चों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन दिखाने का मौका मिला। सभी चयनित बच्चों की लिस्ट पीएमओ कार्यालय जाएगी। फिर उसके आधार पर आगे की योजना तय होगी। गयाजी की धरती पर 6 दिनों तक खेल, संस्कृति और रोजगार का अनोखा संगम दिखा। शनिवार को ‘सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव’ का समापन हुआ। मैदान में प्रतिभा, मंच पर उत्साह और चेहरों पर आत्मविश्वास साफ दिखा। देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में खिलाड़ी भी मेडल और ट्रॉफी पाकर उत्साहित नजर आए। इस महोत्सव की खास बात यह थी कि बिना किसी फीस के ही स्कूल के बच्चों को इंट्री दी गई थी। गांव से लेकर शहर तक के युवाओं को खुला मंच मिला। यही वजह रही कि 10 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर जमकर खिलाड़ियों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। करीब 3 हजार खिलाड़ियों का चयन 13 अलग-अलग खेलों के लिए किया गया। क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी से लेकर एथलेटिक्स तक हर खेल में बच्चों ने दमदार प्रदर्शन किया। चयनित खिलाड़ियों में ग्रामीण इलाकों के युवाओं की संख्या भी अच्छी रही। उद्यमियों, कारीगरों और स्टार्टअप्स को मंच समापन समारोह के दौरान मंच से एक बड़ी घोषणा भी हुई। दावा किया गया कि सांसद जन उद्यम खेल के तहत 20 हजार खेल किट्स बांटे जाएंगे। पंचायत से लेकर विधानसभा स्तर तक खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलेगा। इसका सीधा असर गांवों में दिखेगा, जहां संसाधनों की कमी अक्सर प्रतिभा के आड़े आती है। महोत्सव का दूसरा बड़ा आकर्षण रहा MSME मीट। यहां स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और स्टार्टअप्स को मंच मिला। खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण के दौरान एक और बड़ा संकेत मिला। दिसंबर-जनवरी में इससे भी बड़े टूर्नामेंट की तैयारी शुरू होगी।
बच्चों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष हरि प्रपन्न ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश भर में खेलो इंडिया की शुरुआत की है। इसका असर नेशनल और इंटरनेशल स्तर की प्रतियोगिताओं में देखने को मिला। प्रधानमंत्री का विजन है कि बड़ी संख्या में खिलाड़ी को मंच मिले और उनकी प्रतिभा निखरे। इसी के तहत यह सांसद जन उद्यम खेल का आयोजन किया गया। इस आयोजन में साफ दिख रहा है कि बड़ी संख्या में बच्चों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन दिखाने का मौका मिला। सभी चयनित बच्चों की लिस्ट पीएमओ कार्यालय जाएगी। फिर उसके आधार पर आगे की योजना तय होगी।


