MP में भीषण गर्मी…AC-कूलर की डिमांड बढ़ी:इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन में स्कूलों की छुट्‌टी; रतलाम समेत 22 जिलों में आज लू का अलर्ट

MP में भीषण गर्मी…AC-कूलर की डिमांड बढ़ी:इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन में स्कूलों की छुट्‌टी; रतलाम समेत 22 जिलों में आज लू का अलर्ट

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा चढ़ा हुआ है, जबकि मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर-उज्जैन के साथ भोपाल, नर्मदापुरम में भी सूरज के तीखे तेवर हैं। शनिवार को 6 शहरों में पारा 44 डिग्री या इससे अधिक पहुंच गया। खजुराहो प्रदेश में सबसे ज्यादा 44.6 डिग्री रहा। रविवार को ग्वालियर समेत 22 जिलों में हीट वेव यानी, लू का अलर्ट है। दूसरी ओर, 27 अप्रैल से 3 दिन तक प्रदेश में गरज-चमक और बारिश होने के आसार है। रविवार को जिन जिलों में लू की चेतावनी है, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में भी गर्मी का असर बना रहेगा। यहां पारा 41 डिग्री के पार ही रहेगा। वहीं, बढ़ती गर्मी को देखते हुए इंदौर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों और 8वीं तक के सभी स्कूलों में 27 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। ग्वालियर और उज्जैन के स्कूलों में भी 8वीं कक्षा तक के बच्चों की छुट्‌टी घोषित की है। वहीं, भोपाल के कुछ स्कूलों में भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। खजुराहो सबसे गर्म, ग्वालियर-उज्जैन में 43 डिग्री पहुंचा
इससे पहले शनिवार को आसमान से जैसे आग बरसी। 6 शहरों में पारा 44 डिग्री या इससे अधिक पहुंच गया। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो के बाद रतलाम में पारा 44.5 डिग्री दर्ज किया गया। दतिया-धार में 44.1 डिग्री, नौगांव-श्योपुर में 44 डिग्री, टीकमगढ़-मंडला में 43.8 डिग्री, दमोह में 43.6 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 43.4 डिग्री, गुना-सतना में 43.3 डिग्री, सीधी में 43.2 डिग्री, सागर में 43.1 डिग्री, रीवा-मलाजखंड में 43 डिग्री, रायसेन में 42.8 डिग्री, खरगोन में 42.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, बड़े शहरों में ग्वालियर-उज्जैन में पारा 43 डिग्री पहुंच गया। भोपाल में 42.4 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री और जबलपुर में तापमान 42.6 डिग्री रहा। भोपाल में 30% तक बढ़ी डिमांड
भोपाल में एयर कंडिशनर और कूलर की डिमांड 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। इलेक्ट्रॉनिक शॉप संचालक सिद्धार्थ नाहर ने बताया कि एयर कंडिशनर, कूलर और फ्रीज की कीमतें में मामूली इजाफा हुआ है। हालांकि, नए मॉडल के एसी बाजार में मौजूद है। जिसमें कम बिजली खर्च होती है। गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश
शनिवार को तेज गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश भी हुई। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) एक्टिव है। वहीं, एक टर्फ भी गुजर रही है। इस वजह से कुछ हिस्सों में मौसम बदला रहा। अप्रैल के आखिरी में बारिश के आसार
मौसम विभाग की मानें तो अप्रैल के आखिरी में बारिश के भी आसार हैं। मौसम विभाग ने 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से ऐसा होगा। गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी
गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। आज से अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम
इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले-बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया। 19, 20 और 21 फरवरी को भी बारिश का असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर चला। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश हुई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी
अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी
इंदौर में भी अप्रैल में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड
जबलपुर में अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी
ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2025 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल यह रिकॉर्ड 48.8 डिग्री पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी है।

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