रामपुर के महिला पुलिस परामर्श केंद्र में शनिवार को कई दंपतियों ने अपने मतभेद भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। आपसी विवादों के कारण अलग होने की कगार पर पहुंचे इन जोड़ों को काउंसलिंग के बाद एक नई शुरुआत मिली। परामर्श केंद्र में कुल 24 प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई हुई। काउंसलिंग टीम ने पति-पत्नी दोनों पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें रिश्ते के महत्व से अवगत कराया। गहन समझाइश और संवाद के बाद कई जोड़े अपने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने को सहमत हुए। हालांकि, तीन मामलों में प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए गए। कुछ अन्य मामलों में अभी सहमति नहीं बन पाई है, जिनके लिए अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है। समिति का उद्देश्य है कि यथासंभव परिवारों को टूटने से बचाया जा सके। जिन परिवारों का बिखराव टल गया, उन्होंने अपनी खुशी व्यक्त की। दंपतियों और उनके परिजनों ने महिला थाना पुलिस और काउंसलिंग टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से उनके रिश्ते को नया जीवन मिला है। स्थानीय स्तर पर भी इस पहल की सराहना की जा रही है। लोगों का मानना है कि ऐसे परामर्श केंद्र समाज में बढ़ते पारिवारिक विवादों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह दर्शाता है कि संवाद, समझ और विश्वास से रिश्तों को फिर से मजबूत किया जा सकता है।


