नेपानगर पालिका में बजट पर बवाल, कांग्रेस पार्षद असहमत:20 प्रस्तावों पर सहमति नहीं, अध्यक्ष बोलीं- असहमति बाद में लिखी

नेपानगर पालिका में बजट पर बवाल, कांग्रेस पार्षद असहमत:20 प्रस्तावों पर सहमति नहीं, अध्यक्ष बोलीं- असहमति बाद में लिखी

बुरहानपुर जिले के नेपानगर में 23 अप्रैल को नगर पालिका के नए भवन में पीआईसी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट और 20 प्रस्ताव रखे गए। बैठक के बाद प्रस्तावों की स्वीकृति को लेकर विवाद सामने आया, जिसमें कांग्रेस की ही तीन महिला पार्षदों ने असहमति जताई। बैठक में कुल 20 बिंदुओं पर चर्चा प्रस्तावित थी। पार्षदों के अनुसार, केवल बजट को सर्वसम्मति से पारित किया गया, जबकि अन्य 19 बिंदुओं पर न तो विस्तृत चर्चा हो सकी और न ही सहमति बन पाई। आरोप है कि एजेंडा बिंदुओं को जल्दबाजी में पारित कराने का प्रयास किया गया। कुछ मामलों में पहले से खरीदी किए जाने के बाद दर स्वीकृति के प्रस्ताव लाए गए, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे। आवश्यक फाइलें उपलब्ध नहीं होने के कारण भी चर्चा बाधित होने की बात कही गई। पीआईसी सदस्य का आरोप- प्रक्रिया में पारदर्शिता कम रही
पीआईसी सदस्य योगिता पाटिल ने कहा कि केवल बजट पारित हुआ है और अन्य प्रस्तावों पर सहमति नहीं बनी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही और संबंधित फाइलें प्रस्तुत नहीं की गईं। विकास कार्य की विरोधी नहीं, प्रक्रिया गलत
पीआईसी सदस्य अनीशा पटेल, सपना पटेल और वर्षा ठाकरे ने भी बैठक में आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि तीसरे बिंदु के बाद फाइलों के अभाव में चर्चा नहीं हो सकी। वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पारदर्शी प्रक्रिया आवश्यक है। वहीं नपाध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने कहा कि बैठक में बजट सहित सभी 20 प्रस्ताव पारित किए गए थे। बाद में मेरे और सीएमओ के जाने के बाद पार्षदों ने रजिस्टर में हस्ताक्षर के साथ असहमति दर्ज की। पार्षदों ने मांग की है कि शेष 19 प्रस्तावों को अगली बैठक में पारदर्शिता के साथ पुनः प्रस्तुत किया जाए और सभी संबंधित फाइलें अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रत्येक निर्णय की जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही गई है, ताकि नगर हित और जनविश्वास बना रहे।

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