बक्सर समाहरणालय परिसर में शनिवार को जनगणना 2027 की तैयारियों पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जहां जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया और आवश्यक निर्देश जारी किए गए। बैठक में अनुपस्थित रहने और कार्य के प्रति अरुचि दिखाने पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस बक्सर), जिला परियोजना पदाधिकारी (जीविका) और स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। आईटी प्रबंधक बक्सर से भी बिना अनुमति अनुपस्थित रहने और कार्य में रुचि न लेने के लिए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उनके वेतन को अगले आदेश तक स्थगित करने का भी आदेश जारी हुआ है। स्वगणना से संबंधित डेटा तुरंत प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जिला पदाधिकारी ने प्रबंधक रोजगार (जीविका) को स्वगणना से संबंधित डेटा तुरंत प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड स्तर के सभी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्वगणना कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सहकारिता, कल्याण और उद्योग सहित सभी विभागों के अधिकारियों को सुनियोजित कार्य योजना बनाकर स्व-गणना कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया। सभी विभागों को 30 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर प्रमाण पत्र जिला जनगणना कोषांग में जमा करने को कहा गया है। जियो टैगिंग और सीमांकन के कार्य में शत-प्रतिशत उपलब्धि पर सराहना जिला पदाधिकारी ने चार्ज अधिकारियों द्वारा जियो टैगिंग और सीमांकन के कार्य में शत-प्रतिशत उपलब्धि पर सराहना की। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और समयबद्ध तरीके से निर्वहन करने को कहा। डीएम ने अंत में दोहराया कि जनगणना 2027 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बक्सर समाहरणालय परिसर में शनिवार को जनगणना 2027 की तैयारियों पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जहां जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया और आवश्यक निर्देश जारी किए गए। बैठक में अनुपस्थित रहने और कार्य के प्रति अरुचि दिखाने पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस बक्सर), जिला परियोजना पदाधिकारी (जीविका) और स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। आईटी प्रबंधक बक्सर से भी बिना अनुमति अनुपस्थित रहने और कार्य में रुचि न लेने के लिए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उनके वेतन को अगले आदेश तक स्थगित करने का भी आदेश जारी हुआ है। स्वगणना से संबंधित डेटा तुरंत प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जिला पदाधिकारी ने प्रबंधक रोजगार (जीविका) को स्वगणना से संबंधित डेटा तुरंत प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड स्तर के सभी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्वगणना कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सहकारिता, कल्याण और उद्योग सहित सभी विभागों के अधिकारियों को सुनियोजित कार्य योजना बनाकर स्व-गणना कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया। सभी विभागों को 30 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर प्रमाण पत्र जिला जनगणना कोषांग में जमा करने को कहा गया है। जियो टैगिंग और सीमांकन के कार्य में शत-प्रतिशत उपलब्धि पर सराहना जिला पदाधिकारी ने चार्ज अधिकारियों द्वारा जियो टैगिंग और सीमांकन के कार्य में शत-प्रतिशत उपलब्धि पर सराहना की। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और समयबद्ध तरीके से निर्वहन करने को कहा। डीएम ने अंत में दोहराया कि जनगणना 2027 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


