उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 कुम्भ के लिए पुलिस प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। आयोजन से करीब दो साल पहले ही पुलिस अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके। 21 दिन की ट्रेनिंग, अलग-अलग सत्र उज्जैन के पुलिस लाइन स्थित कम्युनिटी हॉल में 22 अप्रैल से 21 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इसमें प्रदेशभर से आए पुलिस अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। ट्रेनिंग को दो सत्रों में बांटा गया है, जिसमें थ्योरी के साथ-साथ फील्ड विजिट भी कराया जा रहा है। 41 विषयों पर दी जा रही जानकारी उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि ट्रेनिंग में भीड़ प्रबंधन, गर्मी में लंबी ड्यूटी, श्रद्धालुओं से व्यवहार, स्वास्थ्य का ध्यान रखने जैसे करीब 41 विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूसरे सत्र में अधिकारियों को फील्ड विजिट कराई जा रही है, जहां उन्हें पार्किंग, प्रवेश-निकास मार्ग, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग और होल्डिंग एरिया की व्यवस्था समझाई जा रही है, ताकि मेले के दौरान आवाजाही सुचारु बनी रहे। 117 अधिकारी बनेंगे मास्टर ट्रेनर इस ट्रेनिंग में शामिल 117 अधिकारी आगे चलकर “मास्टर ट्रेनर” बनेंगे। ये अधिकारी प्रदेश के अन्य जिलों में जाकर पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देंगे। बाद में इन्हीं प्रशिक्षित अधिकारियों को सिंहस्थ के दौरान ड्यूटी के लिए उज्जैन बुलाया जाएगा। उज्जैन पुलिस द्वारा यह प्रशिक्षण पूरी तरह व्यवहारिक और तकनीक आधारित रखा गया है। इसमें घाटों की सुरक्षा, आपातकालीन व्यवस्था, समन्वित पुलिस प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण जैसे पहलुओं पर खास जोर दिया जा रहा है। मानसिक संतुलन और सेवा भाव पर भी जोर मऊ एसपी दिलीप कुमार सोनी ने अधिकारियों को शाही स्नान और सामान्य दिनों की भीड़, उनके आगमन और प्रबंधन की जानकारी दी। साथ ही पुलिसकर्मियों को मानसिक संतुलन, अनुशासन, टीम भावना और जनसेवा के भाव के साथ काम करने के लिए भी प्रेरित किया गया।


