अमेठी के प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने अपने एक दिवसीय दौरे पर गौरीगंज स्थित भाजपा कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने ‘महिला जन आक्रोश अभियान’ के तहत सदन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित न होने पर विपक्ष की कड़ी आलोचना की। मंत्री शर्मा ने इसके लिए समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को जिम्मेदार ठहराया। दरअसल, केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराने का प्रयास किया था। हालांकि, विपक्षी दलों के विरोध के कारण यह अधिनियम पारित नहीं हो सका। इसके बाद से भाजपा की केंद्र सरकार और प्रदेश की योगी सरकार विपक्षी पार्टियों पर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। मंत्री शर्मा ने बताया कि 16 और 17 अप्रैल को विधानसभाओं और लोकसभाओं में नारी शक्ति को आरक्षण देने के उद्देश्य से संसद का एक विशेष सत्र बुलाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी, टीएमसी और समाजवादी पार्टी ने इस अधिनियम का कड़ा विरोध किया। शर्मा ने अपने बयान में कहा कि भारतीय संस्कृति में मां शक्ति का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है और वह हमेशा से नारी शक्ति के नेतृत्व का प्रतीक रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस कथन का भी जिक्र किया कि यह महिलाओं के लिए केवल एक उपहार नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। मंत्री ने विशेष रूप से समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उसने महिला आरक्षण के अंतर्गत धर्म के आधार पर असंवैधानिक मांगें कीं और इस प्रक्रिया का विरोध किया। उन्होंने इन मांगों को पूरी तरह से असंवैधानिक और संविधान के विरुद्ध बताया। शर्मा ने कहा कि यदि यह आरक्षण बिल पारित हो जाता, तो विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं की एक बड़ी हिस्सेदारी सुनिश्चित होती। उन्होंने आगे कहा कि इस अधिनियम के पारित होने से अनुसूचित जाति और जनजाति की भी हिस्सेदारी बढ़ती। मंत्री शर्मा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और टीएमसी ने जिस तरह से महिलाओं के हक में अवरोध उत्पन्न किया और उनके आरक्षण का विरोध किया है, आने वाले समय में आधी आबादी निश्चित रूप से इसका जवाब देगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला, प्रवक्ता चंद्रमौली सिंह और जिला उपाध्यक्ष आशा बाजपेई सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


