रूस ने खोली अमेरिका की पोल, तेल के लिए वेनेज़ुएला और ईरान के खिलाफ की सैन्य कार्रवाई

रूस ने खोली अमेरिका की पोल, तेल के लिए वेनेज़ुएला और ईरान के खिलाफ की सैन्य कार्रवाई

वेनेज़ुएला (Venezuela) के खिलाफ 3 जनवरी 2026 को अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर उनकी सेना ने देश की राजधानी काराकस समेत मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा शहरों में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें 50 से ज़्यादा लोग मारे गए। इस दौरान अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स यूनिट ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस (Cilia Flores) को किडनैप कर लिया। मादुरो के बाद डेल्सी रोड्रिगेज़ (Delcy Rodríguez) को वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया। वहीं 28 फरवरी 2026 को अमेरिका ने इज़रायल (Israel) के साथ मिलकर ईरान (Iran) के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया, जो करीब 40 दिन चला। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सीज़फायर चल रहा है, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है। इसी बीच रूस (Russia) ने अमेरिका की पोल खोल दी है।

तेल के लिए वेनेज़ुएला और ईरान के खिलाफ की सैन्य कार्रवाई

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने कहा है कि अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला और ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की वजह तेल है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय नियमों को नज़रअंदाज़ कर ऊर्जा बाजार में अपने प्रभुत्व की नीति चला रहा है। लावरोव के अनुसार अमेरिका तेल वाले देशों के नेताओं को हटाने या मारने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

क्या है सच?

अमेरिका पर रूसी विदेश मंत्री का लगाया आरोप बिल्कुल सही है। गौरतलब है कि वेनेज़ुएला में तख्तापलट के बाद वहाँ के तेल पर अमेरिका का कंट्रोल है और ट्रंप प्रशासन के हिसाब से ही वहाँ के तेल की बिक्री होती है और उससे होने वाली कमाई पर भी ट्रंप का ही कंट्रोल है। हालांकि इस कमाई का एक बड़ा हिस्सा वेनेज़ुएला को भी मिलेगा, लेकिन ट्रंप के आदेशनुसार वेनेज़ुएला उससे सिर्फ अमेरिकी प्रोडक्ट्स ही खरीद सकेगा। वहीं ईरान के तेल पर भी कब्ज़ा करने की बात ट्रंप ने कई बार खुद कही है और इसके लिए ट्रंप ने काफी कोशिश भी की। हालांकि ईरान के तेल पर कब्ज़ा करने में अभी तक ट्रंप को कामयाबी नहीं मिली है।

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