Nashik TCS Controversy: महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस (TCS) से जुड़े कथित उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी दानिश शेख के मोबाइल फोन को आखिरकार अनलॉक कर लिया गया है, जिससे जांच को निर्णायक दिशा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
फेस आईडी से अनलॉक हुआ फोन
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने अपने मोबाइल के हर एप्लिकेशन और फाइल पर अलग-अलग पासवर्ड और फेस आईडी सुरक्षा लगा रखी थी। इससे फॉरेंसिक टीम को डेटा एक्सेस करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति को देखते हुए एसआईटी ने अदालत से विशेष अनुमति ली। अनुमति मिलने के बाद आरोपी को फॉरेंसिक लैब ले जाया गया, जहां उसके फेस आईडी का इस्तेमाल कर मोबाइल अनलॉक किया गया।
मोबाइल डेटा से खुलेंगे राज
मोबाइल खुलने के बाद अब पुलिस और फॉरेंसिक टीम डेटा रिकवरी और विश्लेषण में जुट गई है। इस डेटा से पूरे मामले की साजिश और आरोपियों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
ट्रांजिट वारंट पर चार आरोपी हिरासत में
मुंबई नाका पुलिस ने न्यायालय से ट्रांजिट वारंट लेकर नासिक रोड सेंट्रल जेल से चार मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है।
- दानिश एजाज शेख
- तौसीफ बिलाल अत्तार
- शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी
- रजा रफीक मेमन
इसके अलावा मामले में अन्य आरोपी भी शामिल हैं:
- मोहम्मद शफी शेख
- आसिफ आलम अंसारी
- निदा एजाज खान (फरार)
- अश्विनी अशोक चेनानी
ब्लैक मैजिक और नशीला पदार्थ देने के आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर जबरन धर्मांतरण, नशीला पदार्थ देकर फंसाने और ब्लैक मैजिक जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं—75, 79, 299, 302 और 3(5)—के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दोस्ती के आड़ में नशीला पदार्थ खिलाया
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले दोस्ती का दिखावा कर पीड़ित का भरोसा जीता। इसके बाद शीर खुरमा में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे दिया गया। बताया जा रहा है कि पीड़ित की मानसिक स्थिति और पारिवारिक समस्याओं का फायदा उठाकर उसे ‘काला जादू’ करने के लिए उकसाया गया।
योजना के तहत उसे अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया और उस पर दबाव बनाया गया।
चौथी पीड़िता के चौंकाने वाले खुलासे
मामले में चौथी पीड़िता ने महिला आयोग के सामने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उसने आरोप लगाया कि आरोपी उसकी डिजिटल स्टॉकिंग कर रहे थे और उसके खिलाफ अफवाहें फैलाई जा रही थीं।
मामले की आगे की जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने में लगी है। मोबाइल डेटा और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।


