Share Market: Sensex 1000 अंक गिरा, Nifty 24,000 के नीचे, आईटी शेयरों में आई भारी गिरावट

Share Market: Sensex 1000 अंक गिरा, Nifty 24,000 के नीचे, आईटी शेयरों में आई भारी गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते निवेशकों को एक के बाद एक झटके लगे। लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार 24 अप्रैल को लगातार तीसरे दिन बाजार गिरा और सिर्फ तीन सत्रों में निवेशकों की संपत्ति से 7 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। इस गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई और कुल बाजार पूंजीकरण में लाखों करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। Sensex और Nifty 50 दोनों में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई और बाजार में डर का माहौल बना हुआ है।

आज कितना टूटा बाजार

शुक्रवार को Sensex 1,000 अंक यानी 1.29 फीसदी गिरकर 76,664 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 में 275 अंक यानी 1.14 फीसदी की गिरावट आई और यह 23,898 पर बंद हुआ। सिर्फ इस एक सत्र में निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 466 लाख करोड़ से घटकर 462 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

आईटी शेयरों में भारी गिरावट

इस हफ्ते शेयर बाजार में गिरावट के बीच आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। निफ्टी के टॉप 5 नुकसान उठाने वाले शेयरों में से 4 आईटी कंपनियां थीं, जिनमें टेक महिंद्रा, इंफोसिस और एचसीएलटेक के शेयर लगभग 10 से 17 फीसदी तक गिर गए। एचसीएलटेक, इंफोसिस और एसबीआई लाइफ में हफ्ते के दौरान 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली, जबकि एमएंडएम, टीसीएस और टेक महिंद्रा के शेयर 5 से 10 फीसदी तक नीचे आए।

इस गिरावट के पीछे हैं ये बड़े कारण

  • मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा। शांति समझौते को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं मिल रहा, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
  • इसी हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 18 फीसदी की उछाल आई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जिससे दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है, वह अभी भी बाधित है। एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि इसका असर कंपनियों की अगली तिमाही के नतीजों पर भी पड़ सकता है।
  • रुपया भी डॉलर के मुकाबले 94.25 के स्तर तक गिर गया, जो लगातार पांचवें दिन की गिरावट है। वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने पिछले चार सत्रों में 8,300 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे हैं।
  • Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट VK विजयकुमार के मुताबिक जब तक होर्मुज विवाद का हल नहीं निकलता, तब तक क्रूड की कीमतें अस्थिर रहेंगी और बाजार पर दबाव बना रहेगा।

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